अप्रैल अंग्रेजी कैलेंडर का चौथा महीना है, जो भारतीय धार्मिक परंपरा में चैत्र और वैशाख मास का विशेष संयोग लेकर आता है। यह महीना हिंदू धर्म में पूजा-पाठ, दान-पुण्य और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस महीने 29 और 30 तारीख को तीन बड़े ज्योतिषीय और धार्मिक संयोग बन रहे हैं। 29 मार्च को शनि अपनी चाल बदलकर कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेगें, जिससे कई राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढय्या का प्रभाव बदलेगा।
हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह न केवल देवी दुर्गा की आराधना का पर्व है, बल्कि हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत) की भी शुरुआत इसी दिन से होती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025, रविवार से आरंभ हो रही है और रामनवमी 7 अप्रैल 2025 को संपन्न होगी।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब शनि देव और छाया ग्रह राहु एक ही राशि में आते हैं, तो इससे 'पिशाच योग' बनता है। इस बार यह दुर्लभ संयोग 29 मार्च को मीन राशि में बनने जा रहा है। शनि करीब ढाई साल बाद अपनी राशि बदल रहे हैं और मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहां पहले से राहु स्थित है।
चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का पावन पर्व है, जो मां दुर्गा की नौ दिवसीय आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान भक्तगण महाकाली, महालक्ष्मी और मां सरस्वती की उपासना कर विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
हिन्दू धर्म में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन को ब्रह्मांड की रचना का प्रारंभ माना जाता है। विक्रम संवत 2082 इस बार 30 मार्च 2025 से शुरू हो रहा है और यह अनेक शुभ संयोगों के साथ आएगा। इस बार नव वर्ष के राजा और मंत्री दोनों सूर्य देव होंगे, जिससे समाज, राजनीति और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2025 को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के लिए पहले ही दिन 1.65 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया, जिनमें सबसे ज्यादा बुकिंग केदारनाथ धाम के लिए हुई है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 30 मार्च 2025 से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। यह समय मां दुर्गा की साधना और आध्यात्मिक उन्नति का होता है। इस दौरान 3 अप्रैल को मंगल का राशि परिवर्तन होने जा रहा है, जो कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आएगा। मंगल का यह गोचर समाज, धर्म और आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा।
साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को लगेगा। यह ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से शाम 6 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिसके कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष महत्व है। यह पर्व माता शीतला को समर्पित है, जिन्हें रोगों से मुक्ति दिलाने वाली देवी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु माता शीतला की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं और उनसे स्वास्थ्य एवं समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं।
पापमोचनी एकादशी 2025 का व्रत पापों से मुक्ति और मोक्ष प्राप्ति के लिए अति शुभ माना जाता है। जानें तिथि, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त। | Ekadashi Vrat | NationalBreaking.com
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शनिश्चरी अमावस्या 2025 पर सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और शनि कृपा के उपाय। | Shanishchari Amavasya 2025 | NationalBreaking.com