शनिवार, फ़रवरी 7, 2026
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बढ़ती गर्मी में लू से कैसे बचें: 5 आम गलतियां जिन्हें करना पड़ता है भारी, जानिए सुरक्षित टिप्स

हर साल जब तापमान आसमान छूने लगता है, तो लू यानी हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। यह शरीर के तापमान को असामान्य रूप से बढ़ा देता है और गंभीर मामलों में जानलेवा साबित हो सकता है।

तंबाकू से हर साल हो रही लाखों मौतें, जानिए इसके हेल्थ और पर्यावरण पर घातक प्रभाव

हर साल 31 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। यह दिन तंबाकू के सेवन के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने और लोगों को तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

गर्मियों में इन 5 चीजों से परहेज़ न किया तो लू से बिगड़ सकती है सेहत, जानिए बचाव के आसान उपाय

हर साल जैसे ही मई-जून आता है, देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है। यह वही समय होता है जब ‘लू’ यानी गर्म हवा की तेज़ लहरें न केवल बाहर निकलना मुश्किल बना देती हैं, बल्कि जानलेवा साबित भी हो सकती हैं।

COVID-19 का नया वैरिएंट फिर बना चिंता का कारण: देश में JN.1 का बढ़ता संक्रमण, WHO ने बताए बचाव के जरूरी उपाय

पिछले कुछ हफ्तों से देश में कोरोना के केस एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ते दिख रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता JN.1 वैरिएंट को लेकर है, जो अब भारत में सबसे ज्यादा फैल रहा है।

गर्मी में बार-बार पसीना आना: नॉर्मल है या किसी बीमारी का संकेत? जानिए सच

गर्मी का मौसम आते ही पसीना बहना एक आम सी बात लगती है। दो कदम भी चलो तो टी-शर्ट चिपचिपाने लगती है, बाइक पर हेलमेट पहनो तो सिर से लेकर गर्दन तक तर-बतर हो जाता है।

45 डिग्री से ऊपर पहुंचा तापमान, सेहत पर मंडरा रहा खतरा, जानें कैसे रखें खुद को सुरक्षित

देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी का कहर जारी है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।

रिश्ते तभी टिकते हैं जब हो एक्सेप्टेंस और सेफ्टी: जानिए कैसे सीमाओं और भावनाओं का सम्मान निभाता है प्यार का वादा

रिश्ते, चाहे वे रोमांटिक हों या पारिवारिक, हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा होते हैं। लेकिन क्या सिर्फ प्यार ही एक रिश्ते को सफल बनाता है? नहीं। एक मजबूत और हेल्दी रिश्ते की नींव एक-दूसरे की एक्सेप्टेंस (स्वीकृति) और सेफ्टी (सुरक्षा) पर टिकी होती है।

पैकेज्ड दूध को उबालना सही है या बेकार की मेहनत? जानिए एक्सपर्ट का साफ जवाब

हमारे यहां दूध को उबालना आम बात है। गांव हो या शहर, हर कोई दूध घर लाकर सबसे पहले उसे उबालता है। लोगों को लगता है कि उबालने से दूध में मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और वो जल्दी खराब भी नहीं होता।

प्यार और सेक्स के बीच फर्क: शारीरिक सुख और भावनात्मक जुड़ाव में संतुलन कैसे बनाए रखें?

हम सभी जानते हैं कि प्यार और सेक्स दोनों हमारे जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये दो बिल्कुल अलग-अलग अनुभव हो सकते हैं? बहुत से लोग प्यार और सेक्स को एक ही मान लेते हैं, जबकि इनके बीच महत्वपूर्ण अंतर होता है।

रात को बार-बार नींद खुलती है? हो सकता है ये किसी बड़ी ‘साइलेंट बीमारी’ का अलार्म हो

रवि, एक 26 साल का क्रिएटिव डिज़ाइनर, रात 2:45 बजे उठ बैठा। सपना तो याद नहीं था, लेकिन नींद टूटने की झुंझलाहट चेहरे पर साफ़ थी। उसने घड़ी देखी, करवट बदली और मोबाइल उठाया।

लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में कैसे बढ़ाएं इमोशनल कनेक्शन, ट्रस्ट और समझदारी? जानिए विशेषज्ञों के सुझाए आसान और असरदार टिप्स

कुछ साल पहले, जब मैं यूरोप में ट्रेनों की खिड़की से गुजरते शहरों को निहार रही थी, तब मोबाइल पर घंटों चलने वाली वो बातचीतें आज भी याद हैं। दूरी बहुत थी, लेकिन उस एक कॉल ने दिन अच्छा बना दिया था।

वैशाख-ज्येष्ठ महीने में खान-पान का विशेष महत्व, शास्त्रों में बताया कैसा हो गर्मियों का भोजन

भारतीय जीवन शैली में ऋतुओं और महीनों का विशेष महत्व है। खास तौर पर खानपान को लेकर कई नियम  ऋतुओं के अनुसार शरीर और मन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। बात यदि मई माह की जाए तो इस दौरान भारतीय मास का वैशाख और ज्येष्ठ मास होता है। ऐसे में इस दौरान शरीर को ऐसे भोजन की आवश्यकता होती है जो गर्मी से बचाता हो और स्वस्थ रखता हो।

विश्व मलेरिया दिवस 2025: जानिए मलेरिया के 5 खतरनाक प्रकार, लक्षण और बचाव के बेहद जरूरी उपाय

हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि इस घातक रोग को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाई जा सके।

डिलीवरी के बाद रिश्ते क्यों बदलते हैं? नई मम्मा में होते हैं इमोशन और फिजिकल चेंज, जानिए पार्टनर को क्या समझने की सबसे ज्यादा...

कई बार ट्रैवल करते हुए या अलग-अलग संस्कृतियों को करीब से देखकर मैंने नोटिस किया है। मां बनना हर जगह एक सा नहीं होता, लेकिन हर जगह एक बात कॉमन होती है: हार्मोनल चेंज।

क्या होता है जब आप रोज़ाना 30 मिनट वॉक करते हैं? जानिए दिल और दिमाग पर इसका असर!

क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 30 मिनट की वॉक हर दिन आपके दिल, दिमाग और शरीर के लिए कितनी फायदेमंद हो सकती है? नहीं? तो अब जान जाइए! आजकल सभी लोग हेल्थ के बारे में ज्यादा सोचने लगे हैं, और वॉकिंग एक ऐसा तरीका है, जिससे आप बिना किसी जिम की टेंशन के अपने शरीर को फिट रख सकते हैं।

वर्ल्ड हीमोफीलिया डे 2025: भारत में 1.3 लाख मरीज, सबसे ज्यादा मेल मरीज होते हैं शिकार

हर साल 17 अप्रैल को वर्ल्ड हीमोफीलिया डे मनाया जाता है, जो एक जेनेटिक डिसऑर्डर है। यह बीमारी बहुत कम लोगों में पाई जाती है, लेकिन इसके प्रभावी इलाज और सही पहचान के लिए चिकित्सा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

महिलाओं की इच्छाएं भी मायने रखती हैं! रिश्तों में एकतरफा फिजिकल एक्सपेक्टेशंस से कैसे उभरें, जानें समझदारी भरे टिप्स

कभी आपने महसूस किया है कि रिश्ते में सबकुछ होते हुए भी कुछ अधूरा रह जाता है? एक परफेक्ट लगती ज़िंदगी में भी कभी-कभी ऐसा खालीपन होता है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है—खासतौर पर महिलाओं के लिए, जिनकी भावनात्मक और फिजिकल ज़रूरतें अक्सर अनदेखी रह जाती हैं।

इंटीमेसी सिर्फ सेक्स नहीं: साथ सुकून से बैठना, खाना पकाना और थकान में सिर सहलाना भी प्यार है

कई बार हम सोचते हैं कि इंटीमेसी यानी केवल फिजिकल क्लोजनेस। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि किसी के साथ सुकून से बैठना, बिना कुछ बोले समय बिताना या किसी के थके चेहरे पर हाथ फेर देना भी उसी गहराई का हिस्सा होता है?

दिल का रिश्ता किसी और से? पार्टनर से ज्यादा एक्साइटमेंट किसी ‘स्पेशल फ्रेंड’ में महसूस होता है, समझिए रेड अलार्म बज चुका है

इमोशनल इनफिडेलिटी—यानी दिल का कनेक्शन किसी और से जुड़ जाना, भले ही आप रिलेशनशिप में हो।

बिना बोले कैसे बिगड़ते हैं रिश्ते? जानिए ओपन कम्युनिकेशन क्यों है हर रिश्ते की असली जरूरत

सुबह उठते ही ब्रश करने से पहले व्हाट्सएप चेक करने की आदत तो सबको है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि आपके सबसे करीबी इंसान से आख़िरी बार दिल से बात कब की थी?

शादी के बाद क्यों कम हो जाता है रोमांस? ये 5 प्यार भरे माइंडफुल मूव्स आपके लिए भी हैं जरूरी

रिश्तों को टाइम, ध्यान और थोड़ी positivity चाहिए होती है। ये मेहनत है, लेकिन दिल वाली मेहनत। और जब तुम ये करने लगते हो, तो पुराने वाला ‘spark’ दोबारा आने लगता है।

साथ रहते हैं, लेकिन बात नहीं होती? ‘फबिंग’ का बढ़ता ट्रेंड रिश्तों के लिए खतरे की घंटी!

दिल्ली में एक कैफे में एक कपल के बीच मौन संबंधों की तस्वीर ने डिजिटल रिश्तों की गहराई पर सवाल उठाया है। तकनीक ने हमें जुड़े रखा है, लेकिन अक्सर यह जुड़ाव सतही होता है। रिश्तों में माइंडफुलनेस की कमी और 'फनब्बिंग' की आदतें समस्या बनी हुई हैं। डिजिटल डिटॉक्स और संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

हरदम थके-थके रहते हो? ट्राय करो ये 5 देसी हैक्स, घर बैठे ही देंगे दिमाग को रियल पीस

लंदन की बारिश और वाराणसी के घाट से मिली सीख ने बताया कि सुकून हमारे आस-पास ही है। दादी की तुलसी चाय, अश्वगंधा, ध्यान, डिजिटल डिटॉक्स, और परिवार के साथ बिताया समय मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करते हैं। सरल उपायों से जीवन को अच्छा और तनावमुक्त बनाया जा सकता है।

रिश्तों में दरारें आ रही हैं? दिल से दिल जोड़ने के लिए आजमाएं ये 7 भरोसेमंद टिप्स, जो अपनों को फिर पास ला सकते...

रिश्ता, एक ऐसा शब्द जो सिर्फ दो लोगों को नहीं, दो दिलों को जोड़ता है। लेकिन वक्त की रफ्तार और ज़िंदगी की उलझनों में...

सुबह की शुरुआत को बनाएं जादुई, ये 5 बातें अपग्रेड कर देंगी आपका लाइफ स्टाइल

सुबह की आदतें आपके पूरे दिन को प्रभावित करती हैं। पांच सरल तरीके – गुनगुना पानी पीना, सूरज की किरणें लेना, प्राणायाम और ध्यान करना, सकारात्मक सोच अपनाना, और मोबाइल से दूरी बनाना – आपकी सुबह को बेहतर और आपके दिन को उत्साह से भरा बना सकते हैं।

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