पाकिस्तान की ओर से लगातार सीमा पर हो रही गोलीबारी और हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अब भारत सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। गृह मंत्रालय ने 7 मई को देशभर में सिविल डिफेंस ड्रिल आयोजित करने का आदेश दिया है। इस दौरान एयर रेड वार्निंग सायरन अचानक बजाए जाएंगे, जिससे लोगों को हड़कंप मच सकता है। लेकिन ये सिर्फ एक अभ्यास होगा — असली हमला नहीं।
स्कूल, कॉलेज और आम जनता को दी जाएगी खास ट्रेनिंग
गृह मंत्रालय ने बताया है कि इस अभ्यास का मकसद आम लोगों और खासतौर पर छात्रों को यह सिखाना है कि अगर कभी दुश्मन देश से हमला होता है तो जान कैसे बचाई जाए। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को छिपने, ब्लैकआउट करने और सुरक्षित जगह पर पहुंचने की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी।
ब्लैकआउट और कैमोफ्लाज की भी होगी प्रैक्टिस
सिर्फ चेतावनी सायरन ही नहीं, इस ड्रिल में ब्लैकआउट की भी तैयारी की जाएगी यानी बिजली बंद कर दी जाएगी ताकि दुश्मन की नजर से बचा जा सके। इसके अलावा, कई अहम संस्थानों और पावर प्लांट्स को छुपाने (कैमोफ्लाज) की भी रिहर्सल होगी।
राज्यों को कहा गया- इवैक्युएशन प्लान तुरंत अपडेट करें
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने इवैक्युएशन यानी निकासी योजना को तुरंत अपडेट करें और उस पर अभ्यास भी करें। मकसद ये है कि अगर वाकई में कोई इमरजेंसी आ जाए तो बिना देरी के लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा सके।
पाकिस्तान की हरकतों से बनी है खतरे की आशंका
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले के बाद पाकिस्तान लगातार LoC पर फायरिंग कर रहा है। ऐसे में भारत किसी भी स्थिति के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर लेना चाहता है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने भी सीमा पर अपनी रक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं और मिसाइल परीक्षण कर रहा है।

- 7 मई को देशभर में मॉक ड्रिल के तहत एयर रेड सायरन बजाए जाएंगे।
- आम जनता और छात्रों को दुश्मन के हमले से बचने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
- ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट और संस्थानों को छुपाने की प्रैक्टिस होगी।
- राज्यों को निकासी योजना अपडेट करने और उसका अभ्यास करने को कहा गया है।
- पहलगाम आतंकी हमले और पाकिस्तान की फायरिंग को देखते हुए ड्रिल की जा रही है।

