सोमवार, मार्च 16, 2026
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हरियाणा में बाढ़ से हाहाकार! बहादुरगढ़ में 150 गाड़ियां डूबीं, कॉलोनियां जलमग्न, हिसार में 1500 एकड़ फसल तबाह

हरियाणा के बहादुरगढ़ और हिसार में ड्रेन टूटने से हालात बिगड़ गए हैं. बहादुरगढ़ में कॉलोनियां और इंडस्ट्रियल एरिया डूब गए, जबकि हिसार में सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई. बहादुरगढ़ में सेना और SDRF राहत कार्य में जुटी है. वहीं हिसार में किसानों की पकी हुई फसलें पानी में समा गईं, जिससे लाखों का नुकसान हो गया. प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है और अस्थायी राहत केंद्रों की तैयारी भी कर ली गई है. स्थानीय लोग पानी में फंसे हुए हैं और राहत कार्य तेज करने की मांग कर रहे हैं.

बहादुरगढ़ में हालात गंभीर

बहादुरगढ़ में मंगेशपुर ड्रेन टूटने के बाद कॉलोनियां और औद्योगिक क्षेत्र पानी में डूब गए हैं. विवेकानंद नगर और छोटूराम नगर पूरी तरह जलमग्न हैं, जहां घरों में चार से पांच फीट पानी घुस चुका है. औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियां ठप हो गई हैं और मारुति कंपनी के स्टॉकयार्ड में खड़ी करीब 150 गाड़ियां पानी में डूब गईं. करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है. सेना और SDRF की टीम लगातार राहत कार्य कर रही है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, हालात ऐसे हैं कि घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है.

सेना और SDRF ने संभाला मोर्चा

हिसार से आए सेना के 80 जवान और SDRF के 40 सदस्य मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं. टीमें नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं. सेना ने लोहे के जालीनुमा बॉक्स और मिट्टी से भरे बैग लगाकर ड्रेन के कटाव को रोकने की कोशिश शुरू कर दी है. आठ नावें और चार बड़ी नावें लगातार काम में लगाई गई हैं. बहाव तेज होने से दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन सेना का दावा है कि कटाव को जल्द रोक लिया जाएगा.

प्रशासन और विभाग की सक्रियता

सिंचाई विभाग और नगर परिषद के 100 से ज्यादा कर्मचारी भी मौके पर तैनात हैं. उनकी सुरक्षा को देखते हुए सेना ने मेडिकल कैंप भी लगाया है. प्रभावित लोगों को सूखा राशन, फल और पानी मुहैया कराया जा रहा है. सिंचाई विभाग के अधिकारी खुद काम की निगरानी कर रहे हैं. ट्रैक्टरों के जरिए मिट्टी के बैग तटबंध तक पहुंचाए जा रहे हैं और सेना की नावों से इन्हें कटाव वाले हिस्से तक ले जाया जा रहा है. उम्मीद है कि स्थिति कुछ ही घंटों में नियंत्रित हो सकेगी.

हिसार में 1500 एकड़ फसल डूबी

हिसार जिले के मोडिया खेड़ा गांव में घग्गर ड्रेन का तटबंध टूट गया. पानी इतनी तेजी से खेतों में घुसा कि 1500 एकड़ फसल डूब गई. ग्रामीणों के मुताबिक कई ढाणियों में पानी का स्तर 6 से 7 फीट तक पहुंच गया. किसान अपनी पकी हुई फसलों को पानी में बर्बाद होते देख मायूस हैं. लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है. लोग अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं. खेतों में पानी भरने से गांवों में आवाजाही भी मुश्किल हो गई है.

राहत और पुनर्वास की कोशिशें

डेरा सच्चा सौदा और ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स के स्वयंसेवक भी मौके पर पहुंचे हैं और तटबंध बांधने का प्रयास कर रहे हैं. पानी का बहाव इतना तेज है कि कई जगह गहराई 8 से 9 फीट तक पहुंच गई है. फिर भी राहत दल लगातार काम कर रहे हैं. प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है और जरूरत पड़ने पर अस्थायी आश्रय स्थल भी तैयार किए जा रहे हैं. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है. प्रशासन ने अपील की है कि लोग धैर्य बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें.

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. बहादुरगढ़ में मंगेशपुर ड्रेन टूटने से कॉलोनियां और इंडस्ट्रियल एरिया जलमग्न हो गए.
  2. सेना और SDRF की टीमें नावों के जरिए राहत और बचाव कार्य कर रही हैं.
  3. औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों और मारुति स्टॉकयार्ड की करीब 150 गाड़ियां पानी में डूब गईं.
  4. हिसार जिले में घग्गर ड्रेन टूटने से 1500 एकड़ फसल बर्बाद हो गई.
  5. प्रशासन ने कंट्रोल रूम और अस्थायी राहत केंद्र बनाए हैं, हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
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