बर्ड फ्लू अब पालतू बिल्लियों में भी फैलने लगा है, जिसका पहला मामला मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से सामने आया है। इस वायरस से 18 बिल्लियों की मौत हो चुकी है, और प्रशासन ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। कई अन्य राज्यों में भी बर्ड फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे सरकार और प्रशासन सुरक्षा उपायों पर काम कर रहे हैं।
नई दिल्ली. अब तक बर्ड फ्लू सिर्फ मुर्गियों में फैल रहा था, लेकिन हाल ही में छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश से एक चौंकाने वाली खबर आई है। यहां पालतू बिल्लियों में भी बर्ड फ्लू के संक्रमण का मामला सामने आया है। इस वायरस से करीब 18 बिल्लियों की मौत हो चुकी है, और प्रशासन ने इस पर तत्काल अलर्ट जारी कर दिया है।
बर्ड फ्लू के मामले में क्या नया है?
पिछले दिनों छिंदवाड़ा में मृत पाई गईं बिल्लियों के सैंपल जांच के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी भेजे गए थे। 31 जनवरी को आई रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि इन बिल्लियों में H5N1 वायरस पाया गया है, जो बर्ड फ्लू का कारण बनता है। यह भारत में पहली बार हुआ है जब घरेलू बिल्लियों में बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है।
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में भी बर्ड फ्लू के केस
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में भी बर्ड फ्लू के कई मामले सामने आ चुके हैं। महाराष्ट्र के छह जिलों में पोल्ट्री फार्मों में बर्ड फ्लू के केस पाए गए हैं, और अब तक 7,200 मुर्गियों और 2,230 अंडों को नष्ट किया जा चुका है। इसके अलावा, इन क्षेत्रों में बाघ, तेंदुए, गिद्ध और कौवे भी इस वायरस से संक्रमित हुए हैं, जिससे 693 जानवरों की मौत हो गई है। आंध्र प्रदेश में भी 1.5 लाख मुर्गियों को मारा गया है।
भारत के कई राज्यों में बर्ड फ्लू का प्रभाव
भारत में बर्ड फ्लू के मामले मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के अलावा केरल, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात में भी सामने आए हैं। इससे प्रशासन और सरकारें इस वायरस के फैलाव को रोकने के लिए विभिन्न उपाय कर रही हैं।
बर्ड फ्लू के लक्षण और सावधानियां
बर्ड फ्लू एक इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो आमतौर पर पक्षियों में फैलता है, लेकिन इंसानों में भी संक्रमण का खतरा रहता है। हालांकि अभी तक इंसानों में इसके मामले नहीं आए हैं, लेकिन यह वायरस गले में खराश, खांसी, तेज बुखार, आंखों और सिर में दर्द, पेट दर्द, थकान, कमजोरी, मसल पेन, नाक बहना, और आंखों का लाल होना जैसे लक्षण उत्पन्न कर सकता है।

