Sunday, August 2, 2026
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CDS ने खोले ऑपरेशन सिंदूर के राज़: पाकिस्तान 48 घंटे में भारत को हराना चाहता था, लेकिन 8 घंटे में ही हार मान ली

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने एक बड़ी बात उजागर की है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने भारत को 48 घंटे में झुका देने की प्लानिंग बनाई थी, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की तेज़ और सटीक कार्रवाई ने उसका गेम 8 घंटे में ही बिगाड़ दिया। CDS चौहान के मुताबिक, पाकिस्तान को डर था कि अगर हमले जारी रहे तो उसका भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए उसने खुद भारत से सीजफायर की बात की। उन्होंने बताया कि भारत सिर्फ आतंकी ठिकानों को टारगेट कर रहा था और किसी भी आम नागरिक या संस्थान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत अब आतंक और न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग के डर में जीने वाला देश नहीं रहा।

पाकिस्तान की चाल 8 घंटे में ध्वस्त हो गई

CDS जनरल अनिल चौहान ने पुणे यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में बताया कि 10 मई की रात 1 बजे पाकिस्तान ने भारत पर एक साथ कई मोर्चों पर हमला करने की कोशिश की थी। उसका मकसद था कि 48 घंटे में भारत को घुटनों पर ला दिया जाए। लेकिन भारतीय सेना ने इतनी फुर्ती और रणनीति से जवाब दिया कि महज 8 घंटे में पाकिस्तान की साजिश ध्वस्त हो गई। हालात बेकाबू होते देख खुद पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की बात की।

ऑपरेशन सिंदूर में भारत का सटीक वार

CDS ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने बेहद सोच-समझकर सिर्फ आतंकी ठिकानों को टारगेट किया। कई हमले पाकिस्तान की सीमा के भीतर दो मीटर तक करीब जाकर किए गए। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन राज्य प्रायोजित आतंकवाद को रोकने के लिए किया गया था। पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के अड्डे निशाने पर थे। सेना ने इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया।

सीजफायर की पहल पाकिस्तान ने खुद की

CDS चौहान ने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान ने खुद भारत को कॉल कर सीजफायर की मांग की थी। पाकिस्तान को लगा कि अगर भारत इसी तरह जवाब देता रहा, तो नुकसान बहुत ज्यादा होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने बातचीत का प्रस्ताव स्वीकार किया, क्योंकि उसका मकसद सिर्फ आतंकवाद को खत्म करना था, युद्ध नहीं छेड़ना। इसी वजह से ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव धीरे-धीरे कम हुआ।

नुकसान की बात नहीं, परिणाम मायने रखते हैं

जब उनसे पूछा गया कि ऑपरेशन में भारत का कितना नुकसान हुआ, तो उन्होंने कहा कि नुकसान की संख्या पर बात करना जरूरी नहीं है। जो मायने रखता है, वह है परिणाम। उन्होंने कहा कि एक प्रोफेशनल आर्मी को हानि की चिंता नहीं होती, उसे सिर्फ अपने मिशन पर फोकस होता है। उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए समझाया कि हार-जीत से ज्यादा जरूरी होता है कि आपने मैदान में कैसे खेला।

पहलगाम हमले से पहले उगला गया था जहर

CDS ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले से कुछ हफ्ते पहले ही पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने भारत और हिंदुओं के खिलाफ ज़हर उगला था। इसके बाद ही हालात बिगड़ने शुरू हुए। उन्होंने पहलगाम हमले को क्रूर और अमानवीय करार दिया और कहा कि भारत इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर इसी सोच का हिस्सा था कि अब जवाब ज़ोरदार और साफ होगा।

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  1. पाकिस्तान ने भारत को 48 घंटे में झुकाने की प्लानिंग की, लेकिन भारतीय सेना ने 8 घंटे में ही उसका खेल बिगाड़ दिया।
  2. ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने आतंकियों के 9 ठिकानों को निशाना बनाकर 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर किया।
  3. पाकिस्तान को भारी नुकसान का डर हुआ, इसलिए उसने खुद भारत से सीजफायर की बात की।
  4. CDS ने कहा कि नुकसान की बात करना जरूरी नहीं, असली मायने परिणाम के हैं।
  5. पहलगाम हमले से पहले पाकिस्तान ने जहर उगला था, ऑपरेशन सिंदूर उसका करारा जवाब था।
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