Sunday, October 25, 2026
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कोरोना के नए वैरिएंट के बीच एक दिन में 10 मौतें, देश में एक्टिव केस 7,000 पार

देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में 10 लोगों की मौत हुई है, जो इस साल किसी एक दिन में अब तक की सबसे अधिक संख्या है। मृतकों में 5 केरल, 3 दिल्ली और 1 महाराष्ट्र से हैं। इस साल जनवरी से अब तक कोरोना से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 97 हो चुकी है।

वहीं, देश में कुल एक्टिव केसों की संख्या 7,383 तक पहुंच गई है। केरल सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बना हुआ है, जहां अकेले 2,007 सक्रिय मामले दर्ज हैं। गुजरात में 1,441 और पश्चिम बंगाल में 747 एक्टिव केस रिपोर्ट किए गए हैं। राहत की बात ये है कि रविवार को देशभर से कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ, हालांकि 17 मरीज स्वस्थ हुए हैं।

राज्यों से स्थिति पर नजर

राजस्थान के उदयपुर में आरएनटी मेडिकल कॉलेज से अटैच हॉस्पिटल में भर्ती 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की कोरोना से मौत हुई है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत के चलते भर्ती कराया गया था, बाद में रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे पहले जयपुर में पिछले महीने एक मरीज की मौत हुई थी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड अलर्ट जारी करते हुए सभी जिलों को तैयारी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में दवाएं, PPE किट, जांच किट, आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, ICU और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध रखने को कहा गया है।

गुजरात में भी संक्रमण बढ़ने लगा है। शुक्रवार सुबह तक एक्टिव केसों की संख्या 1,358 तक पहुंच गई। गुरुवार को यह आंकड़ा 1,281 था। 10 जून को राज्य में 223 नए मरीज सामने आए थे।

चार नए वैरिएंट की पुष्टि

ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने जानकारी दी कि भारत में कोविड-19 के चार नए वैरिएंट सामने आए हैं—LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1। ये वैरिएंट दक्षिण और पश्चिम भारत से लिए गए नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग में पाए गए हैं।

JN.1 वर्तमान में भारत में सबसे सामान्य वैरिएंट है, जो जांच किए गए आधे से अधिक सैंपल्स में पाया गया है। इसके बाद BA.2 (26%) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20%) की उपस्थिति दर्ज की गई है।

WHO ने इन वैरिएंट्स को भले ही “वॉच कैटेगरी” में रखा है, लेकिन NB.1.8.1 में मौजूद स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन—A435S, V445H और T478I—इसे अधिक संक्रामक बनाते हैं और इससे इम्यून सिस्टम की सुरक्षा को चकमा देने की संभावना अधिक होती है।

लोगों को सलाह: घबराएं नहीं, सतर्क रहें

हालांकि फिलहाल स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO दोनों ने मौजूदा स्थिति को गंभीर नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़-भाड़ से बचना, मास्क पहनना और टेस्टिंग पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय में, इन नए वैरिएंट की वजह से संक्रमण की रफ्तार बढ़ सकती है, लेकिन मृत्यु दर अभी भी अपेक्षाकृत कम है।

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