Sunday, August 2, 2026
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केरल-दिल्ली समेत 5 राज्यों में कोविड से 11 मौतें, जनवरी से अब तक 108 लोगों की गई जान

देश में कोरोना वायरस से लगातार दूसरे दिन कोविड से 10 से अधिक मौतें दर्ज की गईं, जिससे सरकारी तंत्र फिर अलर्ट मोड पर आ गया है। रविवार को केरल में सबसे अधिक 7 मौतें हुईं, जबकि दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में एक-एक मरीज की जान गई। इसके पहले शनिवार को भी 10 मौतें हुई थीं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देशभर में इस समय 7,264 एक्टिव केस हैं। इनमें केरल 1,920 केस के साथ सबसे ऊपर है, जबकि गुजरात (1,433) और पश्चिम बंगाल (747) भी स्थिति की निगरानी में हैं। राहत की बात ये कि बीते 24 घंटे में कोई नया केस दर्ज नहीं हुआ, वहीं 119 मरीजों ने रिकवरी की।

मध्यप्रदेश में डिलीवरी के बाद मौत

जबलपुर से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है जहां 27 वर्षीय महिला ने डिलीवरी के अगले ही दिन कोविड के चलते दम तोड़ दिया। यह घटना उन मामलों की गंभीरता को रेखांकित करती है जिन्हें नई लहर की शुरुआत कहा जा सकता है। जनवरी 2025 से अब तक कोरोना से कुल 108 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।

राज्यों में फिर तैयार हो रही कोविड व्यवस्थाएं

उत्तर प्रदेश, जहां मामले अभी अपेक्षाकृत कम हैं, सरकार ने सभी जिलों में अस्पतालों को अलर्ट मोड में ला दिया है। पीपीई किट, दवाएं, ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड और वेंटिलेटर्स का स्टॉक दोबारा जुटाया जा रहा है।

महाराष्ट्र में रविवार को 40 नए केस सामने आए। एक मरीज की मौत हुई है। वहीं, केरल में कोविड के साथ इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सभी अस्पतालों को मास्क और टेस्ट अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

नए वैरिएंट्स की पहचान और संभावित प्रभाव

ICMR के अनुसार भारत में कोविड के चार नए वैरिएंट्स – LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 – की पुष्टि हुई है। NB.1.8.1 में A435S, V445H और T478I जैसे स्पाइक म्यूटेशन पाए गए हैं जो इसे तेज़ी से फैलने में सक्षम बनाते हैं और इम्यूनिटी को भी चकमा दे सकते हैं।

हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इन्हें फिलहाल “वॉच लिस्ट” में रखा है, लेकिन एशिया के अन्य देशों की तरह भारत में भी इनकी मौजूदगी बढ़ती दिख रही है।

देश में सबसे सामान्य वैरिएंट JN.1

देश में फिलहाल कोविड के मामलों में JN.1 वैरिएंट सबसे अधिक पाया जा रहा है। टेस्टिंग के दौरान आधे से ज्यादा सैंपल में यही वैरिएंट सामने आया है। इसके बाद BA.2 (26%) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20%) के मामले देखे गए हैं।

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