एअर इंडिया के अहमदाबाद हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त ऐक्शन लिया है। DGCA ने देश की सभी एयरलाइंस को आदेश जारी कर कहा है कि भारतीय रजिस्टर्ड सभी विमानों के इंजन फ्यूल स्विच की जांच अनिवार्य की जाए। इस जांच को पूरा करने की आखिरी तारीख 21 जुलाई 2025 तय की गई है।
एअर इंडिया फ्लाइट AI171 हादसे के बाद उठाया गया कदम
यह आदेश एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के अहमदाबाद में हुए हादसे की शुरुआती रिपोर्ट के बाद सामने आया है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने रिपोर्ट में बताया था कि हादसे से कुछ सेकंड पहले एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि उसने फ्यूल क्यों बंद किया, लेकिन जवाब मिला कि ऐसा नहीं किया गया। इस पर फ्यूल स्विच और लॉकिंग मैकेनिज्म की भूमिका पर शक गहराया।
वैध सर्टिफिकेट के बावजूद सामने आई खामी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हादसे का शिकार हुए विमान VT-ANB का रखरखाव रिकॉर्ड 2023 से बिल्कुल ठीक था और उसके पास वैध उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र भी मौजूद थे। बावजूद इसके, हादसे की जांच में पाया गया कि फ्यूल स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म की जांच जरूरी है।
दुनियाभर की एयरलाइंस भी कर रहीं जांच
DGCA के आदेश से पहले ही कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस जैसे Etihad Airways ने अपने Boeing 787 विमानों में फ्यूल स्विच के लॉकिंग मैकेनिज्म की जांच शुरू कर दी थी। कुछ एयरलाइंस ने जांच शुरू कर दी है, वहीं कई कंपनियां जल्द ही ऐसा करने जा रही हैं।
DGCA ने एयरवर्थिनेस डायरेक्टिव्स के हवाले से दिया आदेश
DGCA ने साफ कर दिया है कि यह जांच उस स्टेट ऑफ डिजाइन या स्टेट ऑफ मैन्युफैक्चर के Airworthiness Directives के आधार पर जरूरी है, जहां से विमान बनाए या डिजाइन किए गए हैं। यह नियम भारत में रजिस्टर्ड सभी विमानों, उनके इंजनों और जरूरी कंपोनेंट्स पर लागू होगा।

- DGCA ने सभी भारतीय रजिस्टर्ड विमानों में इंजन फ्यूल स्विच की जांच अनिवार्य की।
- यह फैसला एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद लिया गया।
- हादसे से पहले पायलट्स के बीच फ्यूल बंद करने को लेकर बातचीत ने जांच को दिशा दी।
- दुनियाभर की एयरलाइंस, खासकर Etihad, ने भी Boeing 787 की जांच शुरू कर दी है।
- DGCA ने 21 जुलाई 2025 तक जांच पूरी करने का निर्देश दिया है।

