भारत की 19 साल की दिव्या देशमुख ने FIDE महिला वर्ल्ड कप जीतकर नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने फाइनल में भारत की ही दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को टाईब्रेक राउंड में हराकर ये खिताब अपने नाम किया। दिव्या इस जीत के साथ भारत की पहली महिला वर्ल्ड चेस चैंपियन बन गई हैं और साथ ही 88वीं ग्रैंडमास्टर भी बन गईं। उन्होंने टूर्नामेंट के दौरान चीन की पूर्व विश्व चैंपियन तान झोंगयी को सेमीफाइनल में हराया और फाइनल में हम्पी के खिलाफ शानदार रणनीति से बाजी मारी। इस खिताब के साथ दिव्या ने अगले साल होने वाले विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है।
दिव्या ने भारत को दिलाया नया गर्व
महाराष्ट्र की रहने वाली 19 साल की दिव्या देशमुख ने शतरंज की दुनिया में वो कर दिखाया है जो अब तक कोई भारतीय महिला नहीं कर पाई थी। उन्होंने FIDE महिला वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। खास बात ये रही कि फाइनल में उन्होंने भारत की ही अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को हराया। मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जहां दोनों क्लासिकल गेम ड्रॉ रहे और फिर टाईब्रेक में दिव्या ने 2.5-1.5 से जीत दर्ज की।
सेमीफाइनल में दिखाया दम, हराया चीन की झोंगयी को
सेमीफाइनल में दिव्या का मुकाबला चीन की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन तान झोंगयी से था। दिव्या ने पहला गेम 101 चालों तक खींचते हुए सफेद मोहरों से जीत लिया, जबकि दूसरा गेम उन्होंने ड्रॉ कराया। इस तरह 1.5-0.5 से जीत के साथ उन्होंने फाइनल में जगह पक्की की।
हम्पी ने भी किया शानदार प्रदर्शन, लेकिन दिव्या ने मारी बाजी
कोनेरू हम्पी ने सेमीफाइनल में चीन की टिंगजी लेई को हराकर फाइनल में पहुंची थीं। उन्होंने टाईब्रेकर में जबरदस्त वापसी करते हुए मुकाबला जीता था। फाइनल में हम्पी ने दोनों क्लासिकल गेम ड्रॉ खेले, लेकिन टाईब्रेकर में दिव्या की रणनीति के आगे वह टिक नहीं पाईं।
वर्ल्ड चैंपियन बनते ही रो पड़ीं दिव्या
जैसे ही जीत तय हुई, दिव्या मां को गले लगाकर रो पड़ीं। उनके आंसू इस जीत की अहमियत को बयां कर रहे थे। दिव्या अब भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर बन चुकी हैं और इस खिताब के साथ करीब 42 लाख रुपये का इनाम भी उन्हें मिलेगा।
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालिफाई किया
इस जीत के साथ दिव्या देशमुख ने 2026 में होने वाले महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भी अपनी जगह पक्की कर ली है। हम्पी भी फाइनल में पहुंचकर कैंडिडेट्स के लिए क्वालिफाई कर गई हैं। यानी अब भारत की दो बेटियां इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी।

- दिव्या देशमुख ने फीड़े महिला वर्ल्ड कप 2025 जीतकर भारत की पहली महिला वर्ल्ड चेस चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
- फाइनल में उन्होंने भारत की ही कोनेरू हम्पी को टाईब्रेक में 2.5-1.5 से हराया।
- सेमीफाइनल में दिव्या ने चीन की पूर्व विश्व विजेता तान झोंगयी को हराया था।
- जीत के साथ दिव्या को 42 लाख रुपये और 2026 विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला।
- यह पहली बार था जब भारत की चार महिला खिलाड़ी एक ही वर्ल्ड कप में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं।

