उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी अब इतिहास रचने जा रही है। यहां पहली बार इंडियन एयर फोर्स अपने फाइटर जेट्स की Night Landing Exercise करेगी। 2 मई से शुरू हो रहे इस ड्रिल में मिराज, सुखोई, राफेल और जगुआर जैसे ताक़तवर जेट्स हिस्सा लेंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली हैं और इलाके में सुरक्षा के साथ तमाम तकनीकी व्यवस्था भी कर दी गई है।
गंगा एक्सप्रेसवे बना देश की सुरक्षा का नया सिरमौर
मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब सिर्फ एक हाईवे नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुका है। शाहजहांपुर जिले के पीरु गांव के पास 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी तैयार की गई है। इस पट्टी पर दिन और रात दोनों समय फाइटर जेट्स की लैंडिंग करवाई जा सकती है। खास बात ये है कि चीन बॉर्डर यहां से महज 250 किलोमीटर दूर है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में ये पट्टी रणनीतिक तौर पर बहुत काम आ सकती है।
एयर फोर्स की तैयारी पूरी, जिला प्रशासन भी अलर्ट
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि 2 और 3 मई को एयरफोर्स की तरफ से लगातार रिहर्सल किया जाएगा। इसके लिए बेरिकेटिंग, हाई पावर लाइट्स, सीसीटीवी कैमरे और एक इमरजेंसी अस्पताल जैसी ज़रूरी सभी चीजें लगा दी गई हैं। एयर फोर्स की गाइडलाइन के मुताबिक कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।
स्कूली बच्चों और आम लोगों को भी दिखेगा एयर शो
इस शानदार अभ्यास का हिस्सा बनने के लिए स्कूली बच्चों को भी आमंत्रित किया गया है। राफेल और सुखोई जैसे फाइटर जेट्स की गरज सुनने और उन्हें आसमान से पट्टी पर उतरते देखने का ये मौका आम जनता को भी मिलेगा। स्थानीय लोग भी इस अनोखे आयोजन का हिस्सा बनेंगे। सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं ताकि सब कुछ सुचारू रूप से हो सके।
देश का पहला हाईवे जहां रात में भी उतरेंगे लड़ाकू विमान
गंगा एक्सप्रेसवे देश का पहला ऐसा हाईवे बन गया है जहां रात के वक्त भी फाइटर प्लेन उतारे जाएंगे। इस ड्रिल में ‘टच एंड गो’, फ्यूलिंग और लाइटिंग सिस्टम की जांच भी की जाएगी। यानी सिर्फ लैंडिंग ही नहीं, युद्ध जैसे हालात में हर स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे भारतीय वायुसेना की ताक़त और भरोसे को एक नई ऊंचाई मिलेगी।

- शाहजहांपुर के गंगा एक्सप्रेसवे पर 2 मई से शुरू होगा इंडियन एयर फोर्स का नाइट लैंडिंग अभ्यास।
- मिराज, राफेल, सुखोई और जगुआर जैसे जेट्स दिन-रात दोनों वक्त लैंड करेंगे।
- 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी रणनीतिक रूप से बेहद अहम, चीन बॉर्डर से सिर्फ 250 किमी दूर।
- एयरफोर्स की गाइडलाइन के अनुसार प्रशासन ने हर तैयारी पूरी की।
- स्कूली बच्चे और आम लोग भी इस एयर शो का हिस्सा बनेंगे, सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम।

