संयुक्त राष्ट्र में एक ऐसा पल देखने को मिला, जब फिलिस्तीनी राजदूत रियाद मंसूर बच्चों की हालत बताते-बताते रोने लगे। उनकी आवाज भर आई और आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने कहा – गाजा में हालात इतने बुरे हो चुके हैं कि बच्चे भूख से मर रहे हैं। मांएं अपने मरे हुए बच्चों को सीने से लगाए बैठी हैं, उनके बालों में हाथ फेर रही हैं, उनसे बात कर रही हैं, माफी मांग रही हैं। ये सब देखकर किसी का भी दिल कांप जाए।
मंसूर बोले – अब ये सब और सहन नहीं होता। भूख और बम दोनों ने फिलिस्तीनी बच्चों को निगलना शुरू कर दिया है। क्या कोई इंसान ऐसा देख सकता है? हम भी इंसान हैं, हमें भी जीने का हक है, हमें भी वही इज़्ज़त मिलनी चाहिए जो दुनिया के बाकी लोगों को मिलती है।
इजराइल ने युद्धविराम का प्रस्ताव मंजूर किया
गाजा की तबाही और बढ़ती मौतों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। इजराइल ने अब युद्ध रोकने (सीजफायर) के अमेरिकी प्रस्ताव को हां कह दी है। ये प्रस्ताव अमेरिका के राष्ट्रपति के खास दूत स्टीव विटकॉफ ने रखा था।
इससे पहले 26 मई को हमास ने भी इस सीजफायर को मंजूरी दी थी। इसमें 70 दिनों तक लड़ाई रोकने और 10 इजराइली बंधकों को छोड़ने की बात शामिल है।
हालांकि जनवरी में भी एक बार युद्धविराम हुआ था, लेकिन 18 मार्च को इजराइल की तरफ से एयरस्ट्राइक करके वो समझौता टूट गया। तब से अब तक 2,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी बच्चे मारे जा चुके हैं और करीब 4,000 घायल हुए हैं।
एक हफ्ते में 500 से ज्यादा मौतें
गाजा में इजराइल ने अपने हमले और तेज कर दिए हैं। 24 और 25 मई को हुए हवाई हमलों में 182 लोगों की मौत हुई, इनमें कई बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। पिछले एक हफ्ते में 500 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुई इस जंग में अब तक 55,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इनमें बहुत बड़ी संख्या में बच्चे और बूढ़े लोग शामिल हैं।
Menstrual health is a right.
— UNICEF (@UNICEF) May 28, 2025
And for many girls and women in Gaza, that right is denied constantly amid violence and lack of sufficient aid.
More aid at scale must be let in. A lasting ceasefire must be reinstated.#MenstrualHygieneDay pic.twitter.com/e4o7hgDerA
गाजा में 70% इमारतें बर्बाद, लाखों बेघर
गाजा के मीडिया दफ्तर का कहना है कि इजराइल वहां की आबादी को जबरन हटाने की कोशिश कर रहा है। बमबारी, मदद रोकना और लोगों को घरों से निकालना, ये सब मिलाकर गाजा को पूरी तरह तबाह किया जा रहा है।
उनका दावा है कि गाजा का 70% से ज्यादा ढांचा तबाह हो चुका है और 85% से ज्यादा लोग यानी करीब 19 लाख लोग अपने घर छोड़ चुके हैं।
इजराइल ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वे सिर्फ हमास के ठिकानों पर हमला कर रहे हैं। हमास जानबूझकर लोगों के बीच अपने बेस बनाता है, जिससे आम लोग मारे जाते हैं।
क्या है इजराइल-हमास लड़ाई की कहानी
- ये जंग 1948 से चली आ रही है, लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने अचानक हमला करके इसे और भड़का दिया। इस हमले में 1,195 लोग मारे गए थे।
- हमास ने 251 लोगों को बंधक बनाया और कहा कि वो गाजा की नाकाबंदी और अपने कैदियों की रिहाई के लिए लड़ रहा है।
- इजराइल ने जवाब में गाजा पर जोरदार बमबारी की और 27 अक्टूबर से जमीनी हमला शुरू कर दिया। उनका कहना है कि वे हमास को खत्म करना चाहते हैं।
- अब तक 61,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं। गाजा के 80% लोग अपने घर छोड़ चुके हैं और वहां की ज्यादातर बिल्डिंगें मलबा बन चुकी हैं।

