गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक राहत केंद्र पर खाना लेने के लिए उमड़ी भीड़ बेकाबू हो गई। गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) द्वारा संचालित इस वितरण स्थल पर मची भगदड़ में 43 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 21 लोगों की मौत भूख के कारण खाने के लिए आगे बढ़ते वक्त गोली लगने से हुई, जबकि 15 लोग भगदड़ में कुचलकर मारे गए।
घटना के तुरंत बाद गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजराइली सेना और अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह नरसंहार “जानबूझकर” किया गया है। मंत्रालय ने इसे युद्ध अपराध की श्रेणी में रखते हुए मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की मांग की है।

GHF ने हिंसा के लिए हमास को ठहराया जिम्मेदार
गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन ने भी मृतकों की संख्या 20 होने की पुष्टि की है, लेकिन अपनी भूमिका से इनकार करते हुए इस हिंसक हालात के लिए हमास समर्थकों को दोषी ठहराया। GHF का कहना है कि वितरण के दौरान भीड़ में मौजूद कुछ तत्वों ने हालात बिगाड़े, जिससे जानलेवा भगदड़ मची।
इस केंद्र को संयुक्त राष्ट्र पहले ही “मौत का जाल” कह चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मई के अंत से अब तक इन फूड सेंटर्स के भीतर या नजदीक 870 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
फूड पैकेट में ड्रग्स का आरोप
इस घटना के कुछ ही दिन पहले गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय (GMO) ने एक और सनसनीखेज दावा किया था। GMO के अनुसार, GHF द्वारा वितरित आटे की बोरियों में ऑक्सीकोडोन नामक नशीली गोलियां मिली हैं। GMO ने आरोप लगाया कि इजराइली सेना जानबूझकर फिलिस्तीनी नागरिकों को नशे की लत लगाने की साजिश रच रही है।
GMO ने इस बात पर भी जोर दिया कि GHF का संचालन इजराइल के हाथ में है और अमेरिका से उसे समर्थन प्राप्त है। उनका कहना था कि इजराइल नशीली दवाओं को एक “हथियार” के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जिससे फिलिस्तीनी समाज को अंदर से तोड़ा जा सके।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच भूख और भय का संकट
जमीन पर हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। हजारों लोग हर दिन भोजन और चिकित्सा की तलाश में ऐसे ही राहत केंद्रों का रुख कर रहे हैं, लेकिन यहां मिल रहा है सिर्फ भय, हिंसा और लाशों का बोझ। अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए भी यह एक बड़ी चेतावनी है कि मानवीय राहत की आड़ में जानलेवा साजिशें कितनी दूर तक जा सकती हैं।
खबर की बड़ी बातें
- गाजा के खान यूनिस स्थित GHF फूड सेंटर पर बुधवार को मची भगदड़ में 43 लोगों की मौत हो गई।
- मृतकों में 21 लोग गोली लगने से जबकि 15 लोग भगदड़ में कुचलकर मारे गए; 7 अन्य की जान अन्य कारणों से गई।
- गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजराइली सेना और अमेरिका पर भूख से पीड़ित लोगों के “जानबूझकर नरसंहार” का आरोप लगाया।
- सरकारी मीडिया ऑफिस ने आटे की बोरियों में नशीली गोली ‘ऑक्सीकोडोन’ मिलने का भी आरोप लगाया, जिसे GHF वितरित करता है।
- मई से अब तक GHF केंद्रों या उनके आसपास 870 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं, UN पहले ही इन्हें “मौत का जाल” घोषित कर चुका है।

