पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री डॉ. गिरिजा व्यास का शुक्रवार शाम उदयपुर के अशोक नगर मोक्षधाम में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई की इस भावुक घड़ी में उनके भतीजे विवेक शर्मा ने मुखाग्नि दी। गिरीजा व्यास की अंतिम यात्रा में कई बड़े नेता शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनकी अर्थी को कंधा दिया। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेताओं ने उनके अंतिम दर्शन किए।
गणगौर पूजन के दौरान झुलसी थीं गिरिजा व्यास
डॉ. गिरिजा व्यास 31 मार्च को घर में गणगौर पूजन कर रही थीं। उसी दौरान दीपक की लौ से उनकी चुन्नी में आग लग गई। पास में मौजूद घरेलू सहायक ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वह बुरी तरह 90 प्रतिशत तक झुलस गईं। पहले उन्हें उदयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर हालत गंभीर होने पर अहमदाबाद के जायडस हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां उन्होंने 1 मई की शाम अंतिम सांस ली।
बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन को पहुंचे
शुक्रवार सुबह उनकी पार्थिव देह को देत्यमगरी स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इस दौरान पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा, पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा उनकी पत्नी और पूर्व विधायक बसंती मीणा, राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी, भाजपा नेता फूल सिंह मीणा और गजपाल सिंह राठौड़ ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राजनीतिक और वैचारिक योगदान को सभी ने किया याद
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गिरिजा व्यास के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा को जीवनभर मजबूती से आगे बढ़ाया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि उनका जाना राजनीतिक जगत में एक ऐसी कमी है जो कभी पूरी नहीं हो सकती।

