डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 9 अप्रैल को 21 दिन की फरलो दी गई थी। ये 13वीं बार था जब वो जेल से बाहर आया। हत्या और रेप के मामलों में सजा काट रहे राम रहीम को इस बार भी सरकार की ओर से कुछ दिन की रिहाई मिली, लेकिन इस बार उसका ठिकाना सिर्फ सिरसा ही रहा।
सिरसा डेरे में ही मनाया स्थापना दिवस
राम रहीम इस बार फरलो पर बरनावा नहीं गया, जहां वह पहले के अधिकांश मौकों पर जाता रहा है। उसने पूरा वक्त सिरसा डेरे में बिताया और यहीं पर डेरा सच्चा सौदा का स्थापना दिवस भी मनाया। इस दौरान वो लगातार वीडियो संदेशों के जरिए अपने अनुयायियों से जुड़ा रहा और रोजाना सत्संग भी होते रहे।
सुरक्षा में कोई कमी नहीं रखी गई
9 अप्रैल को जैसे ही राम रहीम फरलो पर बाहर आया, वैसे ही सिरसा जाने के लिए उसके साथ बुलेटप्रूफ गाड़ियों का काफिला रवाना हुआ। दो लैंड क्रूजर, दो फॉर्च्यूनर और दो अन्य गाड़ियां उसके साथ थीं। अब जब फरलो की मियाद खत्म हो गई है, तो उसी काफिले के साथ उसे वापस रोहतक की सुनारिया जेल लाया जा रहा है।
सरकार पर उठते हैं सवाल, फिर भी मिलती है छूट
राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो दिए जाने पर कई बार सवाल उठते रहे हैं। विपक्ष और सामाजिक संगठन इस पर नाराजगी जताते हैं कि एक सजायाफ्ता कैदी को इतनी बार रिहा क्यों किया जाता है। हालांकि, हर बार प्रशासन सुरक्षा कारणों का हवाला देता है और कानूनी प्रक्रिया का पालन बताया जाता है।
अब फिर जेल में बिताएगा दिन
राम रहीम को अब वापस उसी जेल में रखा जाएगा, जहां वह पिछले कई सालों से बंद है। सुनारिया जेल प्रशासन ने उसकी वापसी को लेकर पहले से ही पूरी तैयारी कर ली थी। सूत्रों के मुताबिक, वह शाम 5 बजे तक जेल पहुंच जाएगा और फिर दोबारा जेल रूटीन का हिस्सा बन जाएगा।

- गुरमीत राम रहीम की 21 दिन की फरलो आज खत्म हो गई है।
- पूरे 21 दिन उसने सिरसा डेरे में ही बिताए, बरनावा नहीं गया।
- इस दौरान उसने डेरा का स्थापना दिवस मनाया और अनुयायियों से मुलाकात की।
- उसे वापस सुनारिया जेल उसी बुलेटप्रूफ काफिले में लाया गया।
- ये 13वीं बार था जब राम रहीम जेल से बाहर आया।

