राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारतीय सेना, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को सलाम किया। उन्होंने कहा कि देश ने बीते दिनों में न सिर्फ अपना सामर्थ्य देखा है, बल्कि अपना संयम भी दिखाया है। आतंकियाें ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत इतना बड़ा संकल्प ले सकता है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, “मैं भारत की पराक्रमी सेनाओं, हमारी खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को हर भारतवासी की तरफ से सैल्यूट करता हूं।” उन्होंने विशेष रूप से सेना के उस असीम शौर्य को रेखांकित किया, जिसने हालिया ऑपरेशनों को सफलता तक पहुँचाया। आंतकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, इसलिए भारत ने सौ से अधिक आतंकियाें को मौत के घाट उतार दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने बुरी तरह से पिटने के बाद 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ काे संपर्क किया। तब तक हम आंतकवाद के इंफ्रोस्टैक्चर को खत्म कर चुके थे। पाकिस्तान के सीने में बसाए गए आतंक के सीनों को हमने खंडहर बना दिया। इसलिए पाकिस्तान की ओर से गुहार लगाई गइ। जब ये कहा गया कि उसकी ओर से आतंकवाद की कोई गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा तब भारत ने भी विचार किया।
हमने अपने आतंक के खिलाफ जवाब की हर कार्रवाई को सिर्फ स्थगित किया है।
वीरता समर्पित हर भारतीय नारी को
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के वीर सैनिकों ने जिन लक्ष्यों को पाने के लिए साहस और पराक्रम दिखाया, वह हर भारतवासी के गर्व की बात है। उन्होंने इस वीरता को भारत की हर माता, बहन और बेटी को समर्पित करते हुए राष्ट्र की सामूहिक भावना का आभार प्रकट किया।
सैन्य ताकत और रणनीतिक संयम का प्रदर्शन
यह बयान उस समय आया है जब भारत ने अपनी सीमाओं पर स्पष्ट संदेश देते हुए सामरिक शक्ति और रणनीतिक संयम का संतुलन साधा है। पीएम मोदी के शब्दों में यह एक ऐसा क्षण था, जिसमें देश ने न केवल बाहरी चुनौती का सामना किया, बल्कि अपनी आंतरिक स्थिरता और संगठनात्मक ताकत भी प्रदर्शित की।


