18 मई को विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) इस बार भारत में एक खास संदेश लेकर आया है। पुरातत्व सर्वेक्षण भारत (ASI) ने इस मौके पर देशभर के 3,698 संरक्षित स्मारकों और 52 संग्रहालयों में आम जनता के लिए मुफ्त प्रवेश की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से लोगों को जोड़ना और उन्हें इतिहास के करीब लाना है।
ASI के संरक्षित स्मारक और संग्रहालय: सांस्कृतिक विरासत का खजाना
ASI के अंतर्गत आने वाले 3,698 स्मारक, जिनमें ताजमहल, लाल किला, कुतुब मीनार जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थल शामिल हैं, के साथ ही देशभर में फैले 52 संग्रहालय भी इस दिन आम जनता के लिए खुले रहेंगे। ये संग्रहालय पुरातात्विक खजानों, प्राचीन उपकरणों, मूर्तियों और शिलालेखों से भरे हुए हैं, जो हमारे इतिहास और सभ्यता की कहानी कहते हैं।
आधुनिक तकनीक से समृद्ध ASI संग्रहालय
भारतीय संग्रहालयों में अब तकनीकी नवाचार भी जोड़े जा रहे हैं। हाल ही में हुमायूं के मकबरे में भारत का पहला भूमिगत संग्रहालय खोला गया है, जबकि वाराणसी और ओडिशा के पुरातात्विक स्थलों पर ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक के साथ वर्चुअल एक्सपीरियंस संग्रहालय बनाए गए हैं। ये तकनीकें आगंतुकों को इतिहास को जीवंत तरीके से समझने और अनुभव करने का मौका देती हैं।
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सहित ASI की जिम्मेदारी
ASI के संरक्षण में 26 स्मारक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में भी शामिल हैं, जो भारत की ऐतिहासिक और स्थापत्य कला के वैश्विक महत्व को दर्शाते हैं। इन स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण ASI की प्राथमिकता है, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी इस विरासत को समझ सकें।
मुफ्त प्रवेश से संस्कृति और इतिहास का बेहतर अनुभव
International Museum Day पर ASI की यह पहल आम जनता को अपने इतिहास, कला और संस्कृति से जुड़ने का अनमोल अवसर प्रदान करती है। ताजमहल, लाल किला जैसे प्रतिष्ठित स्मारकों में फ्री एंट्री के साथ, लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ इन ऐतिहासिक धरोहरों का आनंद ले सकेंगे।

