ईरान ने अपनी न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हुए अमेरिकी हमलों को ‘क्रूर सैन्य आक्रमण’ करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन बताया। अमेरिकी हमलों में तीन प्रमुख न्यूक्लियर साइट्स—फोर्डो, नतांज और इस्फाहान को निशाना बनाया गया था। इस हमले के बाद, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “यह हमला न केवल हमारे शांतिपूर्ण न्यूक्लियर फैसिलिटी पर था, बल्कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन भी है। हम इस गंभीर अपराध के लिए अमेरिकी सरकार को पूरी जिम्मेदारी सौंपते हैं।” मंत्रालय ने इसे अमेरिकी सैन्य आक्रामकता का हिस्सा बताते हुए, इसके खतरनाक परिणामों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
इजरायल का आरोप
ईरान ने इस हमले में इजरायल की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। ईरान ने कहा कि यह हमला इजरायल के सहयोग से किया गया, जिससे तनाव और बढ़ सकता है। ईरान ने इजरायल को भी इस संघर्ष को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार ठहराया और इसे एक ‘आपत्ति-जनक साजिश’ करार दिया।
संयुक्त राष्ट्र और IAEA से कार्रवाई की मांग
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले पर तत्काल आपात बैठक बुलाने की मांग की है। साथ ही, आईएईए से भी स्थिति पर विचार करने की अपील की है। ईरान ने आरोप लगाया कि आईएईए के महानिदेशक ने इस मामले में “स्पष्ट पक्षपाती रवैया” अपनाया है, जिससे ईरान के लिए न्याय की संभावना कम होती जा रही है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने इस हमले पर अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का अधिकार भी जताया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस हमले ने ईरान के शांतिपूर्ण न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया था, जो IAEA सुरक्षा उपायों के तहत संचालित था। ईरान ने इसे पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्य वाला बताया है।
अमेरिका पर निशाना
ईरान ने अमेरिका को निशाना बनाते हुए कहा कि यह हमला उस देश द्वारा किया गया है, जो खुद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य मानता है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका किसी भी कानून या नैतिकता का पालन नहीं करता और अपनी विस्तारवादी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ने से नहीं कतराता।

- ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की, इसे ‘क्रूर सैन्य आक्रमण’ करार दिया।
- अमेरिकी हमले में फोर्डो, नतांज और इस्फाहान की न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया गया।
- ईरान ने संयुक्त राष्ट्र और IAEA से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।
- ईरान ने इजरायल पर अमेरिकी हमले में सहयोग का आरोप लगाया और इसे तनाव बढ़ाने की साजिश बताया।
- ईरान ने अमेरिकी हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया, और सुरक्षा परिषद से बैठक बुलाने की मांग की।

