इजराइल और ईरान के बीच लगातार 12 दिन से चल रही जंग पर आखिरकार मंगलवार को विराम लग गया। सुबह-सुबह ही दोनों देशों ने अलग-अलग बयान जारी कर सीजफायर की पुष्टि कर दी। लेकिन यहीं कहानी खत्म नहीं होती। दोनों ही तरफ से एक-दूसरे को पीछे दिखाने की कोशिशें अब भी जारी हैं।
तेल अवीव में प्रेस को संबोधित करते हुए इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा, “ये सिर्फ एक जीत नहीं, ये इतिहास है। पीढ़ियां इस दिन को याद रखेंगी। हम शेर की तरह उठे और हमारी दहाड़ ने तेहरान की नींव हिला दी।”
ईरान ने जताई सख्त नाराज़गी
सीधे जवाब में, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हमारे न्यूक्लियर प्रोग्राम को कोई नहीं रोक सकता। हमने इसे अपनी मेहनत और बलिदानों से हासिल किया है। इसे रोकना हमारे शहीद वैज्ञानिकों के साथ धोखा होगा।”
यही नहीं, ईरान की राजधानी तेहरान में देर शाम ‘विजय उत्सव’ जैसा कार्यक्रम भी रखा गया। कई जगहों पर झंडे लहराए गए, नारे लगे, और लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयाँ बांटीं। यानी… दोनों तरफ से ‘जीत’ का ऐलान हो गया है।
Crowds of Iraqis take to the streets of Baghdad to celebrate Iran’s victory over the Israeli regime, waving flags and chanting in solidarity with Iran and the resistance.
— Press TV 🔻 (@PressTV) June 24, 2025
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अमेरिका ने दी सबसे पहले जानकारी
इस सीजफायर की खबर सबसे पहले आई अमेरिका से। वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सुबह 3:30 बजे सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर बताया कि दोनों देशों ने संघर्ष विराम पर सहमति जताई है। इसके कुछ ही देर में इजराइल और ईरान की तरफ से आधिकारिक घोषणाएं भी आ गईं।
तेल सस्ता, बाजार भागा
इस पूरे घटनाक्रम का असर सीधे ग्लोबल मार्केट्स पर पड़ा। सीजफायर की खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। लगातार दूसरे दिन तेल सस्ता हुआ। वहीं शेयर बाजारों में भी रौनक लौट आई।
अमेरिकी स्टॉक मार्केट दिनभर मजबूती में रहा। बी. राइली वेल्थ के प्रमुख रणनीतिकार आर्ट होगन ने AFP को बताया, “तनाव में जो राहत आई है, उसका सीधा असर बाजार के मूड पर पड़ा है। निवेशकों को थोड़ी राहत मिली है।”
जनमत में भी खाई साफ
CBS न्यूज के ताजा सर्वे में दिलचस्प बातें सामने आई हैं। रिपब्लिकन वोटर्स में से 85% लोग अमेरिका के ईरान पर हमले के समर्थन में हैं। लेकिन डेमोक्रेट और इंडिपेंडेंट मतदाताओं की राय बिल्कुल उलटी है। करीब 87% डेमोक्रेट और 64% इंडिपेंडेंट वोटर्स इन हमलों के खिलाफ हैं।
कुल मिलाकर देखें तो सर्वे में शामिल 56% अमेरिकी नागरिक हमलों के विरोध में हैं, जबकि 44% समर्थन में। यानी वहां भी मत बँटे हुए हैं, और बहस जारी है।
यरुशलम में फिर खुलेगा अमेरिकी दूतावास
सीजफायर के बाद अमेरिका ने इजराइल में अपनी कूटनीतिक मौजूदगी फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। यरुशलम स्थित अमेरिकी दूतावास, जो संघर्ष के चलते अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, आज से फिर चालू हो रहा है।
तुर्किये ने ट्रम्प की तारीफ की
द हेग में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की। इस बातचीत में एर्दोगन ने ईरान-इजराइल संघर्ष को थामने में ट्रम्प की कोशिशों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सीजफायर अगर स्थायी होता है, तो यह पूरी दुनिया के लिए राहत की बात होगी।
रूस ने अमेरिका पर उठाई उंगली
इस बीच, रूस ने संयुक्त राष्ट्र में खुलकर अमेरिका और इजराइल की आलोचना की है। रूस के राजदूत वासिली नेबेंज्या ने कहा, “ईरान पर हमले UN चार्टर का उल्लंघन हैं।” उन्होंने कहा कि रूस ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करता है, खासकर तब जब यह IAEA की निगरानी में संचालित हो रहा हो।

- इजराइल और ईरान के बीच 12 दिनों से चल रही जंग मंगलवार को थमी, दोनों देशों ने सीजफायर की पुष्टि की।
- इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे “ऐतिहासिक जीत” बताया, बोले- हमारी दहाड़ से तेहरान हिल गया।
- ईरान के विदेश मंत्री ने न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद करने से इनकार किया, बोले- यह हमारा अधिकार है।
- सीजफायर के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी और वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी।
- अमेरिका ने यरुशलम में अपना दूतावास दोबारा खोलने की घोषणा की, रूस ने हमले की निंदा की।

