रविवार, मई 3, 2026
spot_img
होमटॉप न्यूजमणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बीच सरकार बनाने की हलचल तेज: 10...

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बीच सरकार बनाने की हलचल तेज: 10 विधायकों ने गवर्नर को सौंपा समर्थन पत्र, BJP के 8 नेता शामिल

मणिपुर में सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। राष्ट्रपति शासन के बीच बुधवार को 10 विधायक राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मिले और नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। इनमें से 8 विधायक भाजपा के हैं, जबकि एक-एक विधायक NPP और निर्दलीय हैं। इन नेताओं ने दावा किया है कि उनके पास 44 विधायकों का समर्थन है, जो बहुमत के लिए ज़रूरी 31 के आंकड़े से कहीं ज्यादा है।

भाजपा विधायक बोले- कांग्रेस को छोड़ बाकी सब साथ हैं

राज्यपाल से मुलाकात के बाद भाजपा विधायक थोकचोम राधेश्याम ने कहा कि कांग्रेस को छोड़कर बाकी सभी 44 विधायक नई सरकार के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि इस प्रस्ताव का कोई विरोध नहीं है और विधानसभा अध्यक्ष सत्यव्रत भी सभी विधायकों से मिल चुके हैं। वहीं, अध्यक्ष सत्यव्रत फिलहाल दिल्ली में हैं और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं। माना जा रहा है कि नई सरकार पर फैसला जल्द आ सकता है।

बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लगा था राष्ट्रपति शासन

मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है। इससे पहले 9 फरवरी को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। बीरेन सिंह पर कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जारी हिंसा को रोक पाने में नाकाम रहने का आरोप था। बीते दो साल में राज्य में 300 से ज्यादा मौतें और 1500 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। 70 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।

विधानसभा में NDA को बहुमत, लेकिन कुकी विधायकों का समर्थन जरूरी

मणिपुर विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं, जिनमें फिलहाल एक खाली है। ऐसे में अभी 59 विधायक सक्रिय हैं। भाजपा के पास 37 विधायक हैं, जो बहुमत से 6 ज्यादा हैं। NDA गठबंधन में कुल 44 विधायक शामिल हैं, जिनमें 32 मैतेई, 3 मणिपुरी मुस्लिम और 9 नगा विधायक हैं। कांग्रेस के पास सिर्फ 5 विधायक हैं, जबकि 10 कुकी विधायक अलग-अलग दलों से हैं, जिनमें से 7 भाजपा के टिकट पर जीते थे।

कुकी-मैतेई हिंसा के बीच सरकार बनाने की चुनौती

राज्य में 3 मई 2023 से अब तक कुकी और मैतेई समुदायों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ऐसे में अगर सरकार बनती है, तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति बहाल करना और विस्थापितों को दोबारा बसाना होगा। साथ ही विपक्षी दलों के सवालों का जवाब देना भी जरूरी होगा, जो लगातार केंद्र और राज्य की नीतियों पर उंगलियां उठा रहे हैं।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. मणिपुर में BJP समेत 10 विधायक राज्यपाल से मिले, 44 विधायकों के समर्थन का दावा किया गया।
  2. विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 31 है, BJP के पास 37 विधायक हैं।
  3. कांग्रेस को छोड़ सभी विधायकों के साथ होने का दावा किया गया।
  4. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लगा है।
  5. मणिपुर में दो साल से कुकी-मैतेई हिंसा जारी है, 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
अन्य खबरें