गुरूवार, जून 18, 2026
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ट्रंप ने चार बार फोन किया, मोदी ने कॉल नहीं उठाई? जर्मन अख़बार FAZ का दावा

जर्मन अख़बार Frankfurter Allgemeine Zeitung (FAZ) ने लिखा कि हालिया हफ्तों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने PM नरेंद्र मोदी से फोन पर चार बार बात करने की कोशिश की, पर बातचीत नहीं हुई। रिपोर्ट का कहना है कि ‘डेड इकोनॉमी’ वाले बयान और बढ़े हुए टैरिफ के बीच दिल्ली में नाराज़गी और सावधानी दिखी।

सरकारी सूत्रों ने यह दावा नकारा। विदेश मंत्रालय पहले साफ कर चुका है कि 22 अप्रैल से 17 जून के बीच ट्रंप–मोदी में कोई कॉल नहीं हुई, और भारत–पाकिस्तान सीज़फायर पर अमेरिकी मध्यस्थता या ट्रेड डील की बात भी नहीं हुई।

क्या दावा है

FAZ की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने हाल के हफ्तों में कम से कम चार बार PM मोदी को फोन किया, पर कॉल कनेक्ट नहीं हुई। रिपोर्ट इसे दिल्ली की नाराज़गी और सावधानी का संकेत बताती है।

सरकार का पक्ष

सरकारी सूत्रों ने मीडिया को बताया कि ऐसा कोई मामला नहीं है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले संसद में साफ कर चुके हैं कि 22 अप्रैल से 17 जून के बीच मोदी–ट्रंप के बीच कोई कॉल नहीं हुई, और सीज़फायर या ट्रेड डील जैसी किसी अमेरिकी मध्यस्थता पर चर्चा नहीं हुई।

टैरिफ और बयानबाज़ी

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ का ऐलान किया, जिसे लेकर दोनों देशों के रिश्तों में खिंचाव दिखा। इसी दौरान ट्रंप का ‘dead economy’ वाला बयान भी आया, जिस पर मोदी ने कहा कि भारत शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं की तरफ बढ़ रहा है।

कूटनीतिक संदर्भ

FAZ ने लिखा कि ट्रंप ने पहले वियतनाम के साथ एक समझौता एक फोन कॉल में घोषित कर दिया था, इसलिए दिल्ली किसी जल्दबाज़ी के जाल में नहीं फँसना चाहती। रिपोर्ट में ओवल ऑफिस में पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर के साथ डिनर और तेल भंडार वाली टिप्पणी पर भारत की नाखुशी का भी ज़िक्र है।

आगे की तस्वीर

रिपोर्ट में कहा गया कि मोदी इस हफ्ते तिआनजिन में SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कुछ विश्लेषक इसे रणनीतिक संतुलन की कोशिश के रूप में देखते हैं; भारत ने सार्वजनिक रूप से तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से दूरी बनाए रखी है।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. FAZ का दावा: ट्रंप ने चार बार फोन किया, बात नहीं हुई।
  2. सरकार ने दावा खारिज किया; MEA ने संबंधित अवधि में कॉल न होने की बात दोहराई।
  3. रिश्तों में खिंचाव की वजह: 50% टैरिफ और ‘dead economy’ टिप्पणी।
  4. वियतनाम उदाहरण, असीम मुनीर डिनर और तेल भंडार बयान पर भारत की नाराज़गी बताई गई।
  5. भारत ने अमेरिकी मध्यस्थता वाले दावों से दूरी रखी; SCO बैठक पर निगाहें।
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