शनिवार, मई 2, 2026
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नेपाल में संसदीय चुनाव की तारीख तय, मार्च 2026 तक दो दर्जन मंत्रालय खुद संभालेंगी अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की

नेपाल में राजनीतिक संकट के बीच संसदीय चुनाव की तारीख तय हो गई है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने ऐलान किया कि देश में 5 मार्च 2026 को चुनाव होंगे। यह फैसला अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफारिश पर लिया गया। संसद भंग होने और के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल में अस्थिरता बढ़ी थी, लेकिन अब सुशीला कार्की के नेतृत्व में नई अंतरिम सरकार बनी है। कार्की 14 सितंबर को एक छोटी कैबिनेट गठित करेंगी और खुद गृह, रक्षा, विदेश और वित्त समेत लगभग दो दर्जन मंत्रालय संभालेंगी।

नेपाल में तय हुई चुनाव की तारीख

नेपाल के राष्ट्रपति कार्यालय ने घोषणा की है कि आगामी संसदीय चुनाव 5 मार्च 2026 को होंगे। यह फैसला अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफारिश पर लिया गया। राष्ट्रपति पौडेल ने 12 सितंबर को संसद भंग की थी और उसी दिन नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। वह नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं। यह कदम उस राजनीतिक संकट के बीच उठाया गया है, जिसमें ओली सरकार के खिलाफ युवाओं का गुस्सा सड़कों पर साफ नजर आया।

ओली सरकार के इस्तीफे के बाद नया नेतृत्व

पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को 10 सितंबर को इस्तीफा देना पड़ा था। उन पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने का आरोप था। उनके शासन में सोशल मीडिया पर पाबंदियों को लेकर भी विरोध बढ़ा। नाराज युवाओं ने उनके दफ्तर सिंह दरबार में आगजनी की और हालात हिंसक हो गए। बढ़ते विरोध और जानलेवा हमलों के बाद ओली को पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद देश में स्थिरता लाने के लिए सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री चुना गया और अब चुनाव की तारीख तय कर दी गई है।

अंतरिम प्रधानमंत्री के हाथों में 24 मंत्रालय

सुशीला कार्की 14 सितंबर को अपनी नई कैबिनेट का गठन करेंगी। शुरुआत में केवल कुछ ही मंत्री शामिल होंगे और बाकी मंत्रालय वह खुद संभालेंगी। इनमें गृह, विदेश, रक्षा और वित्त जैसे अहम विभाग भी शामिल हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान जले सिंह दरबार परिसर में गृह मंत्रालय के लिए बने नए भवन को अस्थायी प्रधानमंत्री कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि प्रशासनिक कामकाज बिना रुकावट जारी रह सके।

संसद भंग करने पर उठे सवाल

नेपाल के कई राजनीतिक दलों और वकीलों की संस्थाओं ने संसद भंग करने के राष्ट्रपति के फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह कदम संविधान और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। भंग हुई प्रतिनिधि सभा के नेताओं ने भी संयुक्त बयान जारी कर इसे मनमाना फैसला बताया। हालांकि, कार्की का कहना है कि मौजूदा हालात में यही रास्ता बचा था। इस बीच उन्होंने काठमांडू के सिविल अस्पताल का दौरा किया और घायल प्रदर्शनकारियों का हालचाल लिया।

Gen-Z प्रोटेस्ट से फैला हिंसक माहौल

नेपाल में हाल ही में हुए Gen-Z प्रोटेस्ट ने हालात बिगाड़ दिए थे। यह आंदोलन भ्रष्टाचार और नेपोटिज्म के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही हिंसक हो गया। संसद भवन और प्रधानमंत्री आवास को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया, जिसमें 51 लोगों की मौत हुई और 1,300 से ज्यादा घायल हुए। इस उथल-पुथल के बीच सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल, राष्ट्रपति पौडेल और Gen-Z प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया। भारत समेत कई देशों ने उनके नेतृत्व का स्वागत किया है।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. नेपाल में संसदीय चुनाव की तारीख 5 मार्च 2026 तय हुई।
  2. सुशीला कार्की बनीं नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री।
  3. कार्की खुद गृह, रक्षा, विदेश और वित्त समेत 24 मंत्रालय संभालेंगी।
  4. ओली सरकार के इस्तीफे और संसद भंग होने के बाद नई अंतरिम सरकार बनी।
  5. Gen-Z प्रोटेस्ट में 51 मौतें और 1,300 से अधिक घायल हुए।
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