चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने शांग्री-ला डायलॉग में बड़ा बयान देते हुए माना कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत में भारत को नुकसान हुआ था, लेकिन इसका विश्लेषण कर तुरंत कार्रवाई की गई. पाकिस्तान के छह भारतीय विमान मार गिराने के दावे को उन्होंने साफ झूठ बताया. उन्होंने बताया कि भारत ने दो दिन के अंदर दोबारा हमला किया और दुश्मन के एयरबेस को गहराई तक निशाना बनाया. जनरल चौहान ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष कभी भी परमाणु युद्ध की सीमा तक नहीं पहुंचा. चीन की भूमिका पर भी उन्होंने साफ किया कि कोई असामान्य गतिविधि नहीं हुई.
‘संघर्ष की शुरुआत में हमें नुकसान हुआ, लेकिन हमने उससे सीखा’
CDS जनरल अनिल चौहान ने बताया कि जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया, तब शुरुआती झड़पों में भारतीय वायुसेना को नुकसान हुआ. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कितने विमान क्षतिग्रस्त हुए. उन्होंने कहा, “सवाल यह नहीं है कि कितना नुकसान हुआ, बल्कि ये है कि हमसे क्या गलतियां हुईं और हमने उन्हें कैसे सुधारा.” उनके मुताबिक, एयरफोर्स ने दो दिन के भीतर रणनीति बदली और दुश्मन पर पलटवार किया.
पाकिस्तान का दावा झूठा, राफेल विमान नहीं गिरे
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि पाकिस्तान ने छह भारतीय लड़ाकू विमान गिराए, जिनमें चार राफेल शामिल थे. इस पर जनरल चौहान ने साफ कहा कि ये दावा गलत और आधारहीन है. इससे पहले एयर ऑपरेशंस के डायरेक्टर जनरल एयर मार्शल ए.के. भारती ने भी कहा था कि सभी पायलट सुरक्षित लौटे हैं और नुकसान को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा सकती क्योंकि युद्ध जारी है.
दोबारा हमले की रणनीति और गहरी घुसपैठ
जनरल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने 7, 8 और 10 मई को पाकिस्तान के एयरबेस को गहराई तक निशाना बनाया. उन्होंने कहा, “हमने दुश्मन की एयर डिफेंस को भेदते हुए लंबी दूरी तक सटीक स्ट्राइक की.” भारत की ओर से हर तरह के विमान और हथियारों का इस्तेमाल हुआ. भारतीय ड्रोन और मिसाइलों ने पाकिस्तान के कम से कम आठ एयरबेस को टारगेट किया. पाकिस्तान ने भी ये माना कि उसके कुछ एयरबेस को नुकसान पहुंचा है.
परमाणु युद्ध की स्थिति नहीं बनी, चीन रहा निष्क्रिय
जनरल चौहान ने साफ किया कि भारत-पाक संघर्ष कभी भी परमाणु जंग की हद तक नहीं पहुंचा. दोनों देशों की सेनाओं ने संयम दिखाया और बातचीत के रास्ते खुले रखे. उन्होंने ये भी कहा कि चीन की ओर से भारत को कोई सीधा खतरा नहीं मिला. 22 अप्रैल के बाद से उत्तरी सीमा पर कोई असामान्य हलचल नहीं दिखी. जब उनसे पूछा गया कि क्या चीन ने पाकिस्तान को सैटेलाइट या इंटेलिजेंस सपोर्ट दिया, तो उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी अब कई स्रोतों से मिलती है और सिर्फ चीन पर निर्भरता नहीं है.

- जनरल अनिल चौहान ने माना कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत में भारत को नुकसान हुआ, लेकिन जल्दी ही रणनीति बदली गई।
- पाकिस्तान के छह भारतीय विमान गिराने के दावे को उन्होंने गलत बताया, खासकर राफेल विमानों की बात को।
- भारत ने 7, 8 और 10 मई को पाकिस्तान के एयरबेस पर गहराई तक हमला किया और एयर डिफेंस सिस्टम को भेदा।
- संघर्ष के दौरान परमाणु युद्ध जैसी कोई स्थिति नहीं बनी और दोनों देशों की सेनाओं ने समझदारी दिखाई।
- चीन की ओर से कोई सैन्य चुनौती नहीं मिली, न ही उत्तरी सीमा पर कोई असामान्य गतिविधि देखी गई।

