7 मई को किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सेना ने बताया कि इस ऑपरेशन में 9 आतंकी अड्डों को निशाना बनाया गया और 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया। ये आतंकी भारत में घुसपैठ और हमलों की साजिश रच रहे थे।
IC-814 हाईजैक और पुलवामा हमले के गुनहगारों का खात्मा
सेना की इस कार्रवाई में उन आतंकियों को खासतौर पर निशाना बनाया गया जो भारत में बड़े हमलों के पीछे थे। इनमें साल 1999 में इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट IC-814 के हाईजैक की साजिश रचने वाले और 2019 के पुलवामा हमले के दोषी भी शामिल थे।
सेना का दावा: ‘हाई-वैल्यू टारगेट्स’ को मार गिराया गया
भारतीय सेना के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह पूरा ऑपरेशन सरप्राइज अटैक की तरह अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा, “हमें पूरी तरह भरोसा था कि हम आतंकियों की कमर तोड़ने में कामयाब होंगे। 9 टेरर बेस को उड़ाया गया और कई हाई-वैल्यू टारगेट्स मारे गए।”
जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा चेहरा यूसुफ अजहर भी मारा गया
इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के बड़े कमांडर मोहम्मद यूसुफ अजहर को भी ढेर किया गया। वो IC-814 हाईजैक का मास्टरमाइंड था और जैश चीफ मौलाना मसूद अजहर का साला था। सेना ने उसे एयरस्ट्राइक के जरिए निशाना बनाया। यूसुफ ‘उस्ताद जी’, ‘घोसी साहब’ जैसे नामों से जाना जाता था और आतंकियों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देता था।
स्पष्ट मकसद के साथ चली मिलिट्री कार्रवाई
सेना ने साफ किया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद आतंक के उन चेहरों को मिटाना था जो भारतीय नागरिकों की जान लेने के पीछे रहे हैं। यह कार्रवाई किसी भावनात्मक या राजनीतिक वजह से नहीं, बल्कि ठोस इंटेलिजेंस के आधार पर की गई थी। इसका मकसद सिर्फ और सिर्फ आतंक की जड़ों को खत्म करना था।

- सेना ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक की।
- इस ऑपरेशन में 9 टेरर कैंप्स को निशाना बनाया गया और 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए।
- मारे गए आतंकियों में IC-814 हाईजैक और पुलवामा हमले के दोषी भी शामिल थे।
- जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर यूसुफ अजहर भी इस हमले में मारा गया।
- सेना ने बताया कि यह ऑपरेशन पूरी तैयारी और स्पष्ट टारगेट के साथ किया गया था।

