शनिवार, मई 2, 2026
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बिहार के पूर्णिया में ‘डायन’ बताकर एक ही परिवार के 5 लोगों को जिंदा जलाया, गांव छोड़कर भागे लोग

बिहार के पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव में अंधविश्वास की आड़ में भीड़ ने जो किया, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। झाड़-फूंक में एक युवक की मौत और दूसरे की बिगड़ती तबीयत को ‘डायन’ का असर मानते हुए, गांववालों ने एक ही परिवार के पांच लोगों को पहले पीटा और फिर जिंदा जलाकर मार डाला। मरने वालों में दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। गांव में दहशत है, लोग घर छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

झाड़-फूंक में मौत बनी बर्बरता की वजह

घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के टेटगामा गांव की है। गांव के रामदेव उरांव के बेटे की झाड़-फूंक के दौरान मौत हो गई, और दूसरा बेटा बीमार हो गया। इसी को ‘डायन’ का असर मानकर गांववालों ने एक परिवार को निशाना बना डाला। डायन बताकर पूरे परिवार को गांव की भीड़ ने पहले बेरहमी से पीटा और फिर उन्हें जिंदा आग के हवाले कर दिया।

जिंदा जलाए गए लोग एक ही परिवार के थे

मारे गए लोगों की पहचान बाबूलाल उरांव, सीता देवी, मनजीत उरांव, रनिया देवी और तपतो मोसमत के रूप में हुई है। सभी लोग एक ही परिवार से ताल्लुक रखते थे। घटना के बाद गांव में डर का माहौल है और कई लोग अपने घर छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह इलाका आदिवासी बहुल है और वहां तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक पर काफी विश्वास किया जाता है।

मृतक का इकलौता वारिस बोला—पूरे गांव ने मिलकर हमारा सबकुछ खत्म कर दिया

इस बर्बर वारदात में मृतक परिवार का एक ही सदस्य बचा—ललित कुमार। उसने बताया कि उसके पूरे परिवार को डायन बताकर जला दिया गया। उसने यह भी बताया कि हत्या के बाद शवों को पानी में फेंक दिया गया। पुलिस को चार शव पास के तालाब से जली हालत में मिले हैं।

पुलिस ने की गिरफ्तारी, जांच में डॉग स्क्वायड और FSL टीम

पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी नकुल कुमार को गिरफ्तार किया है, जिस पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। पुलिस डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम की मदद से सबूत जुटा रही है। एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि यह मामला अंधविश्वास से जुड़ा है और पूरी घटना रविवार रात की है। फिलहाल पूरे गांव को खाली पाया गया है।

विलंबित FIR और डरे हुए गवाह

घटना का इकलौता चश्मदीद एक बच्चा है जो इस वक्त बेहद डरा हुआ है और साफ-साफ कुछ भी नहीं बता पा रहा। इसी वजह से अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पीट-पीटकर मारा गया या जलाकर, यह भी पोस्टमॉर्टम के बाद ही साफ होगा।

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  1. बिहार के पूर्णिया के टेटगामा गांव में डायन के शक में एक ही परिवार के पांच लोगों को जिंदा जला दिया गया।
  2. गांववालों ने पहले उन्हें पीटा, फिर जिंदा आग के हवाले कर दिया, मरने वालों में महिलाएं और पुरुष शामिल हैं।
  3. मृतक परिवार का एकमात्र जीवित सदस्य ललित कुमार है, जिसने पूरे गांव पर हत्या का आरोप लगाया है।
  4. गांव में दहशत का माहौल है, लोग अपने घर छोड़कर भाग चुके हैं, पुलिस जांच में जुटी है।
  5. एक आरोपी गिरफ्तार, जांच में डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम शामिल, FIR अभी दर्ज नहीं हुई।
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