झालावाड़ में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत के बाद राजस्थान सरकार हरकत में आ गई है। राज्यभर के 7500 सरकारी स्कूलों की मरम्मत कराई जाएगी और जो इमारतें बेहद खतरनाक हालत में हैं, उन्हें गिराकर बच्चों की पढ़ाई के लिए कंटेनर क्लासरूम लगाए जाएंगे। यह फैसला शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लिया गया। इसके अलावा, प्राइवेट स्कूलों की भी सुरक्षा जांच होगी। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। विभाग ने GIS और AI तकनीक से स्कूलों की निगरानी और मरम्मत का प्लान तैयार किया है।
7500 स्कूलों की होगी मरम्मत, कंटेनर में चलेंगी क्लासेस
झालावाड़ में सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 मासूमों की जान जाने के बाद सरकार नींद से जागी है। रविवार को जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि पूरे राजस्थान में 7500 सरकारी स्कूलों की मरम्मत कराई जाएगी। जो स्कूल बेहद जर्जर हैं, उन्हें गिराकर वहां कंटेनर में बच्चों की पढ़ाई करवाई जाएगी।
जिला कलेक्टर की निगरानी में होगा सर्वे
प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों का सर्वे किया जाएगा। जिला कलेक्टर की निगरानी में होने वाले इस सर्वे में जो स्कूल खतरनाक स्थिति में पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत बंद किया जाएगा। ऐसे स्कूलों की पहचान लाल क्रॉस के निशान से की जाएगी।
GIS और AI से बनेगा मॉनिटरिंग सिस्टम
शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूलों की हालत की मॉनिटरिंग के लिए एक GIS आधारित ऐप बनाया जाएगा, जिसे शाला दर्पण से जोड़ा जाएगा। साथ ही AI तकनीक से हर स्कूल की सुरक्षा रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसी आधार पर बजट जारी होगा।
प्राइवेट स्कूलों पर भी कसी जाएगी लगाम
अब सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों का भी सर्वे होगा। इन स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की फिटनेस, ड्राइवर की मेडिकल जांच और बाकी सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग की अलग से टीम बनाई जा रही है।
दोषी अधिकारियों पर गिरी गाज
झालावाड़ हादसे की जांच रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा विभाग ने जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सात अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है और एक जूनियर इंजीनियर की संविदा रद्द कर दी गई है। खराब निर्माण कार्य की जिम्मेदारी तय कर ठेकेदारों और इंजीनियरों से वसूली की जाएगी।

- झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत के बाद 7500 स्कूलों की होगी मरम्मत।
- खस्ताहाल स्कूल बिल्डिंग गिराकर कंटेनर में बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
- सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का जिला कलेक्टर के जरिए सर्वे होगा।
- GIS और AI से बनेगा स्कूलों की निगरानी का नया सिस्टम।
- दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू, सात अफसर सस्पेंड, एक इंजीनियर की संविदा खत्म।

