गुरूवार, जून 4, 2026
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राष्ट्रपति ने राज्यसभा में 4 सदस्यों को किया नामित, उज्ज्वल निकम और मीनाक्षी जैन को मिली बड़ी जिम्मेदारी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(3) के तहत राज्यसभा के लिए चार नए सदस्यों को नामित किया है। इस सूची में देश के प्रमुख वकील उज्ज्वल निकम, प्रतिष्ठित इतिहासकार मीनाक्षी जैन, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और केरल के समाजसेवी सी. सदानंदन मास्टर के नाम शामिल हैं। इन सभी को उनकी विशेषज्ञता और अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए नामित किया गया है।

उज्ज्वल निकम का लंबा कानूनी अनुभव

उज्ज्वल निकम भारत के जाने-माने सरकारी वकीलों में गिने जाते हैं। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले, हर्षद मेहता घोटाला और प्रख्यात राजनेता प्रमोद महाजन हत्याकांड जैसे कई हाई-प्रोफाइल मामलों में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया है। महाराष्ट्र में भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार रह चुके निकम को विधि क्षेत्र में उनकी गहरी समझ और निष्पक्षता के लिए जाना जाता है।

इतिहास की समझ के साथ संसद में मीनाक्षी जैन

मीनाक्षी जैन एक चर्चित इतिहासकार और शिक्षाविद हैं। वह इतिहास को पारंपरिक भारतीय दृष्टिकोण से देखने और प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। मीनाक्षी ने अयोध्या और अन्य सांस्कृतिक विषयों पर गहन शोध और लेखन किया है, जिसे राजनीतिक और अकादमिक हलकों में व्यापक चर्चा मिली है। उनकी उपस्थिति से राज्यसभा में ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और अकादमिक दृष्टिकोण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पूर्व विदेश सचिव को नई भूमिका

हर्षवर्धन श्रृंगला, जो विदेश सचिव के तौर पर भारत की विदेश नीति की अगुवाई कर चुके हैं, अब संसद के उच्च सदन में अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने अमेरिका, थाईलैंड, बांग्लादेश जैसे देशों में भारतीय राजदूत के रूप में काम किया है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रणनीतिक मामलों में उनका अनुभव विधायी चर्चाओं को वैश्विक दृष्टिकोण से जोड़ने में सहायक होगा।

जनसेवा से संसद तक सदानंदन मास्टर

केरल के वरिष्ठ समाजसेवी सी. सदानंदन मास्टर शिक्षा और सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में दशकों से सक्रिय हैं। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है। सदानंदन की विचारशीलता और जमीनी अनुभव संसद में नीति निर्माण को सामाजिक न्याय के नजरिए से प्रभावित कर सकते हैं।

संविधान में है नामांकन का प्रावधान

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(3) के अनुसार, राष्ट्रपति राज्यसभा में 12 ऐसे सदस्यों को नामित कर सकते हैं जिन्होंने कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा या अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान दिया हो। वर्तमान में राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं, जिनमें से 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामित किए जाते हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि संसद में हर क्षेत्र के विशेषज्ञों की भागीदारी बनी रहे।

राज्यसभा में कैसे होता है चयन

राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते, बल्कि यह प्रक्रिया अप्रत्यक्ष होती है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य राज्यसभा के सदस्यों को चुनते हैं। इसके अलावा 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा नामित किया जाता है, जिन्हें संबंधित क्षेत्रों में गहरी समझ और अनुभव के आधार पर चुना जाता है। इससे संसद में विविधता और विशेषज्ञता का संतुलन बना रहता है।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अनुच्छेद 80(3) के तहत राज्यसभा के लिए चार नए सदस्यों को नामित किया।
  • उज्ज्वल निकम, मीनाक्षी जैन, हर्षवर्धन श्रृंगला और सी. सदानंदन मास्टर को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए चुना गया।
  • उज्ज्वल निकम ने 26/11 मुंबई हमला जैसे मामलों में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की भूमिका निभाई है।
  • मीनाक्षी जैन एक वरिष्ठ इतिहासकार हैं, वहीं श्रृंगला भारत के पूर्व विदेश सचिव रह चुके हैं।
  • नामांकन से संसद को कानूनी, ऐतिहासिक, कूटनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में विशेषज्ञों की राय मिलेगी।
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