हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई ने युवाओं के सर्वांगीण सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रविवार को ‘शक्तिवीर’ नामक आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया। भारत लोक शिक्षा परिषद (एकल अभियान) के सहयोग से आयोजित इस आठ दिवसीय शिविर में राज्यभर के 350 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया है। शिविर 15 से 22 जून तक चलेगा और इसमें प्रतिभागियों को न केवल आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे, बल्कि उन्हें मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास और सामाजिक सजगता से भी समृद्ध किया जाएगा।
कुलपति की पहल, युवा चेहरों का उत्साह
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अशोक कुमार के मार्गदर्शन और भारत लोक शिक्षा परिषद की युवा इकाई की चेयरपर्सन एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्रीमती स्मृति कुच्छल की प्रेरणा से किया गया है। कुलपति ने अपने संदेश में कहा कि ‘शक्तिवीर केवल आत्मरक्षा प्रशिक्षण नहीं, बल्कि युवाओं में आत्मबल, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का भाव जगाने वाला मंच है।’
शिविर के लिए विश्वविद्यालय परिसर में संपूर्ण आवासीय एवं प्रशिक्षण सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में छात्रों को शारीरिक दक्षता, खतरे के समय त्वरित प्रतिक्रिया और रणनीतिक आत्मरक्षा तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा।
संस्कार और सेवा से सशक्तिकरण की राह
शिविर का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और स्वागत समारोह के साथ हुआ, जिसमें प्रोफेसर योगेश चंद्र ने युवाओं को “सेवा, संस्कार और सुरक्षा” के मूल मंत्र से जुड़ने की प्रेरणा दी। प्रशिक्षण शिविर की अकादमिक देखरेख सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप द्वारा की जा रही है, जो इस आयोजन को अनुशासन और गुणवत्ता की कसौटी पर खरा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट जनों की उपस्थिति ने माहौल को प्रेरणादायक बना दिया। इनमें परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव, सेवानिवृत्त डीआईजी सुमन मंजरी, पूर्व एसीपी वीरेंद्र पुंज, निगम पार्षद पुनीत त्यागी, शिक्षाविद् डॉ. गौरव शर्मा, उद्योगपति नीरज जैन, सनातन सेवी अंशुल पाराशर एवं आध्यात्मिक वक्ता मनप्रीत कौर सहित समाज के कई क्षेत्रीय प्रतिनिधि शामिल रहे।
कार्यक्रम के प्रबंधन में ‘नेकी की राह’ संस्था और GSI ऑल एजुकेशनल सोसाइटी की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों संगठनों के संयोजक डॉ. गौरव शर्मा लंबे समय से शिक्षा, युवा उत्थान और सामाजिक सेवा में सक्रिय हैं।
शिविर नहीं, एक चेतना अभियान
भारत लोक शिक्षा परिषद के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री नीरज रायजादा ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे आयोजनों की निरंतरता बेहद जरूरी है ताकि आत्मरक्षा के साथ-साथ मूल्य आधारित शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाया जा सके।
‘शक्तिवीर’ शिविर आज की युवा पीढ़ी के लिए केवल सुरक्षा प्रशिक्षण का अवसर नहीं, बल्कि एक नई चेतना, नए आत्मविश्वास और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में प्रेरक पहल बनकर उभरा है। आने वाले दिनों में यह शिविर न केवल प्रतिभागियों के व्यक्तित्व को गढ़ेगा, बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करेगा—कि शिक्षा के साथ सुरक्षा और संस्कार, भविष्य के नागरिकों की सबसे बड़ी पूँजी हैं।

