घरेलू शेयर बाजार ने गुरुवार को कमजोरी के साथ ट्रेडिंग शुरू की। सुबह 9:30 बजे बीएसई सेंसेक्स में 728 अंकों की तेज गिरावट दर्ज की गई और यह 80,800 के नीचे आ गया। निफ्टी भी 24,550 के स्तर को पार नहीं कर सका। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तीखी बिकवाली से बाजार में व्यापक दबाव दिखा।
बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ घटा
शुरुआत के कुछ ही मिनटों में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये घट गया। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और बैंकिंग सेक्टर में भरोसे की कमी रहा।
इंडसइंड बैंक को तगड़ा घाटा, शेयर में 4% की गिरावट
इंडसइंड बैंक ने अपनी चौथी तिमाही में 19 साल में पहली बार घाटा दर्ज किया है। बैंक को लगभग ₹2300 करोड़ का नुकसान हुआ, जिसके चलते उसके शेयर गुरुवार को 4% से ज्यादा टूट गए। इस खबर ने बैंकिंग सेक्टर के प्रति निवेशकों की धारणा को कमजोर किया।
इंडसइंड बैंक के अलावा टैक महिंद्रा, पावरग्रिड, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे बाजार पर और दबाव बना। केवल मेटल और पीएसयू बैंक इंडेक्स थोड़ी मजबूती के साथ हरे निशान में रहे।
एशियाई बाजारों से भी नकारात्मक संकेत, वैश्विक रुख कमजोर
गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.5%, कोरिया का कोस्पी 0.59% और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 इंडेक्स 0.36% गिरा। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर रुझानों ने भारतीय निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक प्रभाव डाला।
बुधवार की तेजी पर ब्रेक, फिर बिकवाली हावी
एक दिन पहले यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तीन दिन की गिरावट के बाद तेजी लौटी थी। सेंसेक्स 410 अंक चढ़कर 81,596.63 पर बंद हुआ था और निफ्टी 129.55 अंक बढ़कर 24,813.45 पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार को यह तेजी टिक नहीं सकी और बिकवाली का माहौल फिर से छा गया।

