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31 मार्च से पहले इन 7 स्कीम्स में करें निवेश, टैक्स में छूट के साथ मिलेगा शानदार रिटर्न

चालू वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2025 को समाप्त हो जाएगा और 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो जाएगी। अगर आपने अब तक अपनी टैक्स बचत (Tax Saving) की योजना नहीं बनाई है, तो अभी भी समय है।
सरकार की विभिन्न कर-मुक्त (Tax-Free) निवेश योजनाएं न केवल आपको आयकर में छूट दिलाती हैं, बल्कि बेहतर रिटर्न भी प्रदान करती हैं।

आइए जानते हैं कुछ बेहतरीन टैक्स सेविंग स्कीम्स, जिनमें निवेश करके आप अपने टैक्स का बोझ कम कर सकते हैं और लंबी अवधि में मजबूत बचत कर सकते हैं।

 नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) – हाई रिटर्न और टैक्स बचत दोनों

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक सरकारी रिटायरमेंट योजना है, जिसमें ₹1,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है।

  • टैक्स छूट: सेक्शन 80C और 80CCD(1B) के तहत ₹2 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है।
  • रिटर्न: सालाना 8% से 10% तक का रिटर्न।
  • पेंशन की सुविधा: रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन का लाभ।
  • लाभ: लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेहद उपयोगी।

 पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) – सबसे सुरक्षित टैक्स सेविंग ऑप्शन

PPF अकाउंट में निवेश करने पर ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है।

  • ब्याज दर: वर्तमान में 7.5% सालाना ब्याज मिलता है।
  • लॉक-इन अवधि: 15 साल, जो लॉन्ग टर्म निवेश के लिए उत्तम है।
  • टैक्स फ्री: ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।
  • सुरक्षा: सरकार द्वारा समर्थित, इसलिए जोखिम लगभग शून्य।

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) – रिटायर्ड लोगों के लिए बेहतरीन स्कीम

यह योजना 60 साल से ऊपर के नागरिकों के लिए उपयुक्त है।

  • निवेश सीमा: अधिकतम ₹15 लाख।
  • ब्याज दर: वर्तमान में 8.2%।
  • टैक्स छूट: सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट।
  • कार्यकाल: 5 साल, जिसे बढ़ाया जा सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) – बेटी के भविष्य के लिए बेस्ट निवेश

बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह योजना बेहद उपयोगी है।

  • निवेश प्रारंभ: केवल ₹250 से।
  • अधिकतम निवेश: ₹1.5 लाख प्रति वर्ष।
  • ब्याज दर: वर्तमान में 8.2%।
  • लॉक-इन अवधि: बेटी के 21 साल की उम्र तक।
  • लाभ: कर-मुक्त रिटर्न और टैक्स छूट।

इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) – म्यूचुअल फंड में निवेश कर टैक्स बचाएं

यह म्यूचुअल फंड आधारित योजना है, जो टैक्स छूट के साथ बेहतर रिटर्न देती है।

  • लॉक-इन अवधि: केवल 3 साल।
  • टैक्स छूट: सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख।
  • उच्च रिटर्न: बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
  • जोखिम: मध्यम से उच्च, लेकिन संभावनाएं भी अधिक।

हेल्थ इंश्योरेंस – मेडिकल खर्चों पर टैक्स छूट

सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट का प्रावधान है।

  • छूट सीमा:
    • स्वयं और परिवार के लिए: ₹25,000।
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए: ₹50,000।
  • लाभ: मेडिकल इमरजेंसी में सुरक्षा और टैक्स में छूट दोनों।

 टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) – गारंटीड रिटर्न और टैक्स छूट

यह कम जोखिम वाला निवेश विकल्प है।

  • लॉक-इन अवधि: 5 साल।
  • ब्याज दर: वर्तमान में 6% से 7.5%।
  • टैक्स छूट: सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक।
  • गारंटी: बैंक द्वारा सुरक्षित।

31 मार्च से पहले निवेश क्यों है जरूरी?

  1. नया वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होगा, इसलिए टैक्स बचाने के लिए 31 मार्च से पहले निवेश करना अनिवार्य है।
  2. अगर समय पर निवेश नहीं किया, तो 2024-25 के टैक्स बेनेफिट्स से वंचित रह सकते हैं।
  3. बिना टैक्स प्लानिंग के अधिक टैक्स चुकाना पड़ सकता है।
  4. लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेहतर प्लानिंग का मौका।
  5. गाढ़ी कमाई को टैक्स छूट और बेहतर रिटर्न के साथ सुरक्षित बनाएं।
 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  • 31 मार्च 2025 को मौजूदा वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाएगा, टैक्स सेविंग का आखिरी मौका।
  • NPS, PPF, ELSS, SSY, FD सहित 7 निवेश विकल्पों में पैसा लगाकर कर सकते हैं टैक्स बचत।
  • NPS और ELSS में हाई रिटर्न के साथ-साथ टैक्स में छूट का फायदा मिलता है।
  • सुकन्या समृद्धि योजना और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में भी टैक्स बचाने के बेहतरीन अवसर।
  • हेल्थ इंश्योरेंस और टैक्स सेविंग FD से भी इनकम टैक्स में छूट ली जा सकती है।

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