राजस्थान के उदयपुर जिले के नारी निकेतन से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक पूर्व निवासी किशोरी ने बलात्कार और जबरन गर्भपात के गंभीर आरोप लगाए हैं। महाराष्ट्र के रायगढ़ स्थित कर्जत पुलिस थाने में दर्ज ज़ीरो एफआईआर के आधार पर उदयपुर के सुखेर थाने में अब मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, बाल संरक्षण गृह में रहते हुए नारी निकेतन के चिकित्सक डॉ. अरविंद ने उसका यौन शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। जब उसने यह बात कर्मचारी किरण को बताई तो गर्भपात करवा दिया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अन्य लड़कियों के साथ भी इसी तरह की घटनाएं घटित हुईं, लेकिन वे डर के कारण सामने नहीं आईं।
2022 में की थी प्रेम विवाह
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता वर्ष 2022 में अपने प्रेमी के साथ घर से भाग गई थी और शादी कर ली थी। उस समय वह नाबालिग थी, जिस कारण उसे दस्तयाब कर बालिका गृह भेजा गया। जैसे ही वह बालिग हुई, उसे बाल संरक्षण गृह से मुक्त कर दिया गया और वह महाराष्ट्र में अपने पति के साथ रहने लगी।
पीड़िता के आरोप: डॉक्टर ने किया बलात्कार
पीड़िता का दावा है कि नारी निकेतन में नियुक्त चिकित्सक ने न केवल उसका यौन शोषण किया, बल्कि जब उसने यह बात स्टाफ को बताई तो उसे चुप कराने की कोशिश की गई। कर्मचारी किरण ने गर्भपात का इंतजाम किया और पीड़िता को घटना के बारे में किसी को भी न बताने की हिदायत दी गई।
CWC ने आरोपों से किया इनकार
इस प्रकरण पर नारी निकेतन की ओर से सफाई भी सामने आई है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की सदस्य यशोदा ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि जब भी मेडिकल जांच होती है, सभी लड़कियों को सामूहिक रूप से जांच के लिए लाया जाता है। पुरुष डॉक्टर की मौजूदगी में एक पैनल भी साथ होता है। उनके अनुसार, ऐसी किसी भी घटना की कोई संभावना नहीं है।
एसपी ने जांच एएसपी को सौंपी, न्यायिक प्रक्रिया शुरू
उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जिम्मेदारी एएसपी रामेश्वरलाल को सौंपी है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मेडिकल रिपोर्ट व बाल संरक्षण गृह की कार्यप्रणाली की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

