शुक्रवार को भी कोलकाता के ‘विकास भवन’ के बाहर शिक्षकों का प्रदर्शन जोर पकड़ गया। शिक्षक और नॉन टीचिंग स्टाफ सुबह से ही इकट्ठा होने लगे और कुछ देर में बैरिकेडिंग तोड़कर नारेबाजी शुरू कर दी। इनका आरोप है कि बिना गलती के उनकी नौकरी चली गई और सरकार चुप है।
गुरुवार रात पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तीखी झड़प
गुरुवार रात को प्रदर्शन और ज्यादा उग्र हो गया। जब शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का रास्ता रोक दिया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें 100 से ज्यादा शिक्षक घायल हुए हैं। बिधाननगर के DCP अनीश सरकार ने कहा कि कई बार समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने विभाग के कर्मचारियों को बाहर नहीं जाने दिया।
शिक्षकों की मांग: CM ममता खुद सामने आएं
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे चिन्मय मंडल ने कहा कि हम शांतिपूर्वक अपनी बात रखना चाहते हैं। हम ममता बनर्जी से मिलना चाहते हैं ताकि उन्हें सीधे अपनी तकलीफ बता सकें। शुक्रवार दोपहर 3 बजे और लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।
हम फिर से बहाली चाहते हैं, दोबारा परीक्षा नहीं
‘डिजर्विंग टीचर्स राइट्स फोरम’ के एक मेंबर ने साफ कहा कि हमने 2016 की SSC परीक्षा पास की थी। हमें दोबारा एग्जाम देने की शर्त मंज़ूर नहीं है। हमारी बस एक ही मांग है कि हमें फिर से बहाल किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट और ममता सरकार की अलग राह
सुप्रीम कोर्ट ने 3 अप्रैल को कोलकाता हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें 25,753 शिक्षकों की भर्ती रद्द कर दी गई थी। हालांकि 17 अप्रैल को कोर्ट ने साफ किया कि जब तक नई भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वो शिक्षक पढ़ा सकते हैं जिनका नाम घोटाले में नहीं है।
इसी बीच ममता बनर्जी ने 22 अप्रैल को मिदनापुर में कहा था कि शिक्षक स्कूल लौटें और पढ़ाना शुरू करें। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया था कि उनकी सैलरी नहीं रुकेगी और सरकार उनका साथ देगी।
कोर्ट ने दी राहत, पर शर्तें भी रखीं
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि 31 दिसंबर तक नई भर्ती प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए और 31 मई तक नोटिफिकेशन जारी होना जरूरी है। अगर ये तय समय में पूरा नहीं हुआ, तो कोर्ट कार्रवाई करेगा। कोर्ट नहीं चाहता कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो।
पूरा मामला दो बिंदुओं में
- 2016 में बंगाल सरकार ने SLST के जरिए सरकारी स्कूलों में 24,640 पदों के लिए टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती की थी, जिसमें 22 लाख लोगों ने परीक्षा दी थी।
- भर्ती में 5 से 15 लाख रुपये तक की घूस की शिकायतें आईं। CBI ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, अर्पिता मुखर्जी और SSC के अधिकारियों को गिरफ्तार किया।

- पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले के खिलाफ बर्खास्त शिक्षकों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा।
- शुक्रवार को ‘विकास भवन’ पर शिक्षकों ने बैरिकेड तोड़ दिए और धरना शुरू किया।
- गुरुवार रात को पुलिस लाठीचार्ज में करीब 100 शिक्षक घायल हुए।
- प्रदर्शनकारियों की मांग है कि ममता बनर्जी खुद सामने आकर बात करें और फिर से बहाली हो।
- सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल शर्तों के साथ पढ़ाने की इजाजत दी है, लेकिन अंतिम फैसला नई भर्ती प्रक्रिया पर टिका है।

