राजस्थान में मई की तपती गर्मी से झुलसते लोगों को पश्चिमी विक्षोभ ने बड़ी राहत दी है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला। जोधपुर और चित्तौड़गढ़ में घने बादलों ने आसमान को ढक लिया, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्म हवाओं से राहत महसूस हुई। पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में जहां पारा 45 डिग्री पार कर चुका था, वहां अब मौसम कुछ हद तक नरम हुआ है।
भरतपुर में जमकर बरसात, कामां में रिकॉर्ड 77 मिमी बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, शुक्रवार को राज्य के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। भरतपुर जिले के कामां क्षेत्र में सबसे अधिक 77 मिमी बारिश हुई। वहीं दूसरी ओर, जोधपुर और उदयपुर संभागों में अभी भी गर्म हवाओं का असर बना रहा और हीटवेव दर्ज की गई।
तापमान की ऊंचाई पर जैसलमेर, बाड़मेर सबसे गर्म जिला
शुक्रवार को जैसलमेर में अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.3 डिग्री अधिक है। बाड़मेर 43.4 डिग्री के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला बना रहा। अन्य प्रमुख शहरों में बीकानेर 44.9, चूरू 43.5, श्रीगंगानगर 43.3, जोधपुर 42.8, चित्तौड़गढ़ 42.6, जयपुर 40.8 और कोटा 39.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके विपरीत, सबसे ठंडा पिलानी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री दर्ज हुआ।
आठ जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने अलवर, भरतपुर और भीलवाड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि जोधपुर, पाली, अजमेर, सवाई माधोपुर और धौलपुर के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन जिलों में मेघगर्जन, तेज आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर रहेगा जारी
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र सक्रिय है, जिसके चलते अगले एक सप्ताह तक आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को हीटवेव से राहत मिलने की पूरी संभावना है।

