Microsoft ने आज से Windows 10 का सपोर्ट बंद कर दिया है. इसका असर दुनियाभर के करोड़ों यूजर्स पर पड़ेगा, क्योंकि अभी भी करीब 41% लोग यही सिस्टम इस्तेमाल कर रहे हैं. अब इस वर्जन के लिए कंपनी कोई अपडेट या टेक्निकल सपोर्ट नहीं देगी. इसका मतलब ये है कि यूजर्स का कंप्यूटर साइबर अटैक और हैकिंग के खतरे में रहेगा. हालांकि, जिनके सिस्टम एलिजिबल हैं, वो Windows 11 पर फ्री अपग्रेड कर सकते हैं. बाकी यूजर्स को अब एक्स्टेंडेड सिक्योरिटी अपडेट (ESU) का इंतज़ार करना होगा, जो सीमित समय के लिए मिलेगा.
Windows 10 सपोर्ट खत्म, करोड़ों यूजर्स पर असर
14 अक्टूबर 2025 से Microsoft ने Windows 10 का आधिकारिक सपोर्ट बंद कर दिया है. इसका मतलब है कि अब Windows 10 यूजर्स को फीचर अपडेट्स, सिक्योरिटी पैच या टेक्निकल असिस्टेंस नहीं मिलेगा. दुनिया भर में करोड़ों कंप्यूटर अब पुराना सिस्टम इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसमें से लगभग 41% यूजर्स अब भी Windows 10 पर हैं. कंपनी ने कहा कि सिस्टम चलता रहेगा, लेकिन सुरक्षा अपडेट बंद होने से साइबर खतरा बढ़ जाएगा. यह बदलाव खास तौर पर उन यूजर्स के लिए बड़ा झटका है जो रोज़ इंटरनेट से जुड़े रहते हैं.
Windows 11 पर फ्री अपग्रेड का मौका
अगर आपका सिस्टम लाइसेंस्ड Windows 10 पर चल रहा है और हार्डवेयर Windows 11 के लिए एलिजिबल है, तो आप फ्री में अपग्रेड कर सकते हैं. इसके लिए कंप्यूटर की सेटिंग्स में जाकर Windows Update सेक्शन खोलें और पेंडिंग अपडेट्स इंस्टॉल करें. अगर सिस्टम अपग्रेड के लिए योग्य होगा, तो “Get Windows 11” का विकल्प दिखेगा. माइक्रोसॉफ्ट ने सलाह दी है कि अपग्रेड से पहले डेटा का बैकअप ले लें. जिनके सिस्टम पुराने हैं, उन्हें Microsoft की वेबसाइट से Windows 11 Installation Assistant डाउनलोड करना होगा और दिए गए स्टेप्स फॉलो करने होंगे.
Windows 10 पर अपडेट ना मिलने के खतरे
अब जब Windows 10 को कंपनी सपोर्ट नहीं दे रही, तो कंप्यूटर साइबर अटैक, वायरस और मैलवेयर के खतरे में आ जाएगा. हर दिन इंटरनेट पर नए थ्रेट्स आते हैं, और बिना सिक्योरिटी अपडेट्स के सिस्टम इन्हें पहचान नहीं पाएगा. नतीजतन, हैकिंग, डाटा चोरी और सिस्टम क्रैश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ सॉफ्टवेयर का नहीं बल्कि प्राइवेसी का भी खतरा है. अगर आप रोज़ इंटरनेट बैंकिंग या ऑनलाइन काम करते हैं, तो Windows 10 पर रहना अब रिस्की हो सकता है.
Windows 11 के लिए जरूरी सिस्टम कॉन्फ़िगरेशन
Windows 11 पर अपग्रेड करने के लिए सिस्टम में कुछ बेसिक रिक्वायरमेंट्स जरूरी हैं. आपके कंप्यूटर में कम से कम 1GHz या इससे तेज प्रोसेसर होना चाहिए. 4GB या उससे ज्यादा RAM और 64GB या ज्यादा स्टोरेज जरूरी है. इसके साथ DirectX 12 सपोर्टेड ग्राफिक्स कार्ड और WDDM 2.0 ड्राइवर होना चाहिए. हाई डेफ़िनिशन डिस्प्ले और यूनिफाइड एक्सटेंसिबल फर्मवेयर इंटरफेस भी होना चाहिए. अगर ये कॉन्फ़िगरेशन पूरी नहीं है, तो आपका सिस्टम Windows 11 के लिए एलिजिबल नहीं माना जाएगा.
Windows 11 एलिजिबल नहीं तो क्या करें?
जिनके कंप्यूटर Windows 11 के लिए एलिजिबल नहीं हैं, उनके लिए Microsoft ने एक्स्टेंडेड सिक्योरिटी अपडेट (ESU) की सुविधा दी है. इस प्रोग्राम के तहत कंपनी सीमित समय के लिए सिक्योरिटी अपडेट देगी ताकि सिस्टम पूरी तरह असुरक्षित न रहे. यह सुविधा 13 अक्टूबर 2026 तक के लिए ही वैध होगी. उसके बाद Windows 10 के लिए कोई भी अपडेट नहीं दिया जाएगा. यानी एक साल के भीतर यूजर्स को या तो नया कंप्यूटर लेना होगा या किसी वैकल्पिक सिस्टम पर शिफ्ट करना होगा.

- Microsoft ने 14 अक्टूबर 2025 से Windows 10 का सपोर्ट बंद कर दिया है.
- अब Windows 10 पर कोई सिक्योरिटी अपडेट या फीचर अपडेट नहीं मिलेगा.
- कंपनी ने कहा कि एलिजिबल यूजर्स को Windows 11 का फ्री अपग्रेड मिलेगा.
- पुराने सिस्टम्स को एक साल तक एक्स्टेंडेड सिक्योरिटी अपडेट (ESU) दिया जाएगा.
- अब Windows 10 कंप्यूटर हैकिंग और साइबर अटैक के बढ़े खतरे में हैं.

