रविवार, जून 7, 2026
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भारत के इतिहास में आज: ‘ब्लैक होल ऑफ कोलकाता’ से लेकर मजदूर हड़ताल तक, 20 जून ने भारत को दीं निर्णायक यादें

हर तारीख के पीछे कोई न कोई कहानी होती है। कभी चुपचाप बहती हुई, तो कभी तेज़ आहट करती हुई। 20 जून ऐसी ही एक तारीख है, जो भारत के इतिहास में कई अलग-अलग रंगों के साथ दर्ज है।

कभी ये कोलकाता के ब्लैक होल जैसी दर्दनाक घटना का गवाह बनी, तो कभी मुंबई के गर्व से खड़े विक्टोरिया टर्मिनस की शुरुआत का दिन। एक ओर मज़दूरों की ज़मीन से उठती आवाज़ों ने इस तारीख को सामाजिक चेतना का दिन बना दिया, तो दूसरी ओर विज्ञान और सिनेमा की दुनिया में कुछ ऐसे नाम जुड़े जिनका असर आज भी ज़िंदा है।

20 जून की परछाई इतिहास की दीवारों पर अलग-अलग शक्लों में दर्ज है—कहीं दुख, कहीं आंदोलन, कहीं निर्माण और कहीं रचनात्मक ऊर्जा। आइए, झाँकते हैं उस तारीख की ओर जो हर साल कुछ नया याद दिला जाती है।

1756 – कोलकाता का ‘ब्लैक होल’ हादसा
20 जून 1756 की रात इतिहास के सबसे दर्दनाक पन्नों में दर्ज है। नवाब सिराज-उद-दौला ने कोलकाता पर कब्ज़ा किया और करीब 146 ब्रिटिश कैदियों को एक तंग कोठरी में बंद करवा दिया। वो जगह इतनी घुटनभरी थी कि अधिकतर कैदी सुबह तक दम तोड़ चुके थे। इस घटना को ‘ब्लैक होल ऑफ कोलकाता’ कहा गया और ये औपनिवेशिक भारत के शुरुआती टकरावों की प्रतीक बनी।

1887 – मुंबई का विक्टोरिया टर्मिनस खुला
अंग्रेज़ों ने आज ही के दिन विक्टोरिया टर्मिनस का उद्घाटन किया, जिसे अब छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के नाम से जाना जाता है। ये स्टेशन सिर्फ़ एक इमारत नहीं था, बल्कि ब्रिटिश राज की शक्ति और भारत के बदलते चेहरे की झलक था। आज भी इसकी वास्तुकला देखने वाले को 19वीं सदी की कहानी सुना देती है।

1921 – चेन्नई में मज़दूरों की ऐतिहासिक हड़ताल
बकिंघम और कर्नाटक मिल्स के श्रमिकों ने आज ही के दिन चार महीने लंबी हड़ताल शुरू की थी। ये आंदोलन सिर्फ़ वेतन या शर्तों को लेकर नहीं था, बल्कि भारत में मज़दूर आंदोलन के इतिहास में एक टर्निंग पॉइंट भी था। फैक्ट्रियों की दीवारों से बाहर आती आवाज़ ने पूरे देश को सुनने पर मजबूर कर दिया।

1960 – महाराष्ट्र विद्युत मंडल का गठन
आज ही के दिन महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की स्थापना हुई थी। इस कदम ने राज्य में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया और ग्रामीण–शहरी विकास की दिशा में एक ठोस आधार खड़ा किया।

हमने जिन महान हस्तियों को खोया

1972 – वैज्ञानिक प्रो. रंगधमा राव का निधन
कोटचरलाकोटा रंगधमा राव, जो स्पेक्ट्रोस्कोपी में भारत के प्रमुख वैज्ञानिक माने जाते थे, का आज के दिन देहांत हुआ। भारतीय विज्ञान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनका बड़ा योगदान रहा।

2007 – अभिनेत्री अनीता गुहा नहीं रहीं
रामायण की सीता या संतोषी मां जैसे पवित्र किरदारों में जान डालने वाली अभिनेत्री अनीता गुहा का आज निधन हुआ था। उनका चेहरा धार्मिक फिल्मों की पहचान बन चुका था, और उनका अभिनय आज भी लोगों के ज़ेहन में बसा है।

आज ही जन्मे कुछ नामी सितारे

1869 – लखनराव किरलोस्कर का जन्म
किरलोस्कर समूह के संस्थापक लखनराव का जन्म 20 जून को ही हुआ था। उन्होंने भारत में स्वदेशी औद्योगिकीकरण की नींव रखी, और देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा दिखाई।

1936 – सुषमा सेठ का जन्मदिन
टीवी और फिल्मों में मां, दादी या सामाजिक कार्यकर्ता जैसे किरदार निभाने वाली वरिष्ठ अभिनेत्री सुषमा सेठ का जन्म भी इसी तारीख को हुआ। उनका अभिनय भारतीय दर्शकों के दिल में आज भी गूंजता है।

1952 – कवि और लेखक विक्रम सेठ का जन्म
‘ए सूटेबल बॉय’ और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कृतियों के लेखक विक्रम सेठ का जन्म भी आज ही के दिन हुआ। उनकी लेखनी में भारत की आत्मा, विविधता और सोच की गहराई झलकती है।

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