अहमदाबाद विमान हादसे की जांच को लेकर केंद्र सरकार ने गुरुवार को बड़ा अपडेट दिया। सरकार ने साफ किया है कि एयर इंडिया की ड्रीमलाइनर फ्लाइट AI-171 के ब्लैक बॉक्स को फिलहाल विदेश नहीं भेजा गया है।
यह स्पष्टिकरण उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि ब्लैक बॉक्स को डेटा रिकवरी के लिए अमेरिका भेजा जाएगा। केंद्र ने कहा है कि इस मामले में अंतिम निर्णय एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा तकनीकी, सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
दोनों ब्लैक बॉक्स सुरक्षित मिले
AAIB ने पुष्टि की है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान से दो ब्लैक बॉक्स — CVR (कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर) और DFDR (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) — सुरक्षित रूप से बरामद कर लिए गए हैं। पहला डिवाइस 13 जून को मिला था, जबकि दूसरा 16 जून को विमान के पिछले हिस्से में मिला। यह विमान मॉडल दो स्वतंत्र ब्लैक बॉक्स सेट के साथ आता है।
हाई-लेवल जांच कमेटी भी सक्रिय
हादसे की समग्र जांच के लिए गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है, जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
12 जून को लंदन जाने वाली फ्लाइट AI-171 ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ के तुरंत बाद तकनीकी गड़बड़ी के चलते क्रैश लैंडिंग की थी। इस हादसे में 270 लोगों की जान गई थी, जिनमें से 241 यात्री विमान में सवार थे।
एयर इंडिया CEO का बयान
एयर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने दावा किया है कि दुर्घटनाग्रस्त बोइंग 787-8 पूरी तरह ठीक-ठाक था। उन्होंने बताया कि विमान का आखिरी व्यापक निरीक्षण जून 2023 में किया गया था और अगला दिसंबर 2025 में निर्धारित था। वहीं, इसके इंजन की ओवरहॉलिंग मार्च और अप्रैल 2025 के लिए तय थी।
कैसा होता है ब्लैक बॉक्स?
‘ब्लैक बॉक्स’ नाम भले ही इसके रंग को दर्शाता हो, लेकिन वास्तव में इसका रंग नारंगी होता है ताकि मलबे में आसानी से नजर आ सके। यह आमतौर पर बेलनाकार या गोलाकार होता है, और इतने मजबूत मटेरियल से बना होता है कि आग, पानी और जोरदार टक्कर तक झेल सके।
कैसे करता है काम और कैसे मिलती है जानकारी
ब्लैक बॉक्स को प्लेन के सबसे सुरक्षित हिस्से में रखा जाता है, ताकि क्रैश के बाद डेटा सुरक्षित रहे। समुद्र में गिरने पर इसका अंडरवॉटर बीकन सिग्नल भेजता है, जबकि जमीन पर चमकीला रंग इसकी पहचान में मदद करता है। दिल्ली स्थित नई DFDR-CVR लैब में अब भारत में ही इसका विश्लेषण किया जा सकता है।
मिलने में लग सकता है लंबा वक्त
इतिहास गवाह है कि कई हादसों में ब्लैक बॉक्स बरामद करने में महीनों या साल भी लग सकते हैं। मलेशिया एयरलाइंस MH370 की घटना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसका ब्लैक बॉक्स अब तक नहीं मिल पाया है।
डेटा विश्लेषण का अगला चरण
फिलहाल AAIB की जांच जारी है और डेटा रिकवरी की प्रक्रिया देश में ही चल रही है। जरूरत पड़ने पर ही ब्लैक बॉक्स विदेश भेजा जाएगा। यह फैसला विशेषज्ञ पैनल द्वारा सभी तकनीकी और संवेदनशील पहलुओं के आधार पर लिया जाएगा, न कि सिर्फ अनुमान या सार्वजनिक दबाव के तहत।

- 12 जून को अहमदाबाद में क्रैश हुई एअर इंडिया फ्लाइट AI-171 का ब्लैक बॉक्स अब तक विदेश नहीं भेजा गया है।
- केंद्र सरकार ने साफ किया कि ब्लैक बॉक्स कहां भेजा जाएगा, यह फैसला AAIB तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं को देखकर करेगा।
- हादसे में दो ब्लैक बॉक्स (CVR और DFDR) 13 और 16 जून को बरामद हुए हैं, जिनकी जांच दिल्ली स्थित नई लैब में की जा रही है।
- इस दुर्घटना में 270 लोगों की जान गई थी, जिसमें 241 यात्री विमान में सवार थे।
- गृह सचिव की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी तीन महीनों में हादसे पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी।

