कभी गिने-चुने संस्थानों वाले भारत ने अब वैश्विक शैक्षणिक मानचित्र पर मजबूती से अपनी जगह बना ली है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में 54 भारतीय संस्थानों की मौजूदगी दर्ज की गई है जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शिक्षा क्षेत्र की “बहुत अच्छी खबर” बताते हुए नवाचार और अनुसंधान में सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पोस्ट को साझा करते हुए कहा, “हमारी सरकार भारत के युवाओं के हित में अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।” यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत दुनिया के सबसे तेज़ी से उभरते उच्च शिक्षा बाजारों में शामिल हो गया है।
IIT दिल्ली ने हासिल की सर्वोच्च रैंकिंग
भारत की ओर से सबसे बड़ा उछाल IIT दिल्ली ने दिखाया है, जो इस साल 123वें स्थान पर रहा—जो अब तक का उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पिछले साल यह संस्था 150वें पायदान पर थी। हालांकि, IIT बॉम्बे जो बीते साल टॉप पर था, 118वें से खिसककर अब 129वें नंबर पर आ गया है।
इस बदलाव की बड़ी वजह भारतीय संस्थानों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उनके निरंतर प्रयास हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, पिछले दस वर्षों में QS रैंकिंग में भारत की भागीदारी में 390% की वृद्धि हुई है—G-20 देशों में सबसे तेज़।
भारत बना चौथा सबसे बड़ा प्रतिनिधि
क्यूएस रैंकिंग 2026 में 8 नए भारतीय संस्थानों की एंट्री के साथ भारत अब अमेरिका (192), यूनाइटेड किंगडम (90), और चीन (72) के बाद चौथा सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व वाला देश बन चुका है। यह उपलब्धि न केवल संख्यात्मक रूप से बल्कि गुणात्मक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस बार भारत के 48% संस्थानों ने अपनी रैंकिंग में सुधार दर्ज किया है।
पांच भारतीय संस्थानों ने इस साल वैश्विक टॉप 100 में भी जगह बनाई है—जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती शैक्षणिक साख का संकेत है।
QS रैंकिंग का आधार क्या है?
लंदन स्थित Quacquarelli Symonds (QS) हर साल दुनिया भर के विश्वविद्यालयों को कई मानकों के आधार पर रैंक करता है। इनमें अकादमिक प्रतिष्ठा, फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात, अनुसंधान प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की उपस्थिति और स्नातकों की रोजगार क्षमता शामिल हैं। यह रैंकिंग उच्च शिक्षा संस्थानों की वैश्विक छवि और प्रदर्शन का प्रमुख संकेतक मानी जाती है।
शिक्षा नीति से दिख रहा असर
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि यह नीति उच्च शिक्षा को वैश्विक मानकों के करीब लाने और नवाचार आधारित लर्निंग को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
भारत अब केवल संख्या में नहीं, बल्कि गुणवत्ता में भी नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। QS वर्ल्ड रैंकिंग में यह प्रगति उसी दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
लिस्ट में शामिल भारतीय यूनिवर्सिटी के नाम और उनकी रैंकिंग-
| संस्थान | 2026 में समग्र रैंक | 2025 में समग्र रैंक |
|---|---|---|
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (आईआईटीडी) | 123 | 150 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (आईआईटीबी) | 129 | 118 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) बैंगलोर | 219 | 211 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर (आईआईटीकेजीपी) | 215 | 222 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (आईआईटीएम) | 180 | 227 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर (आईआईटीके) | 222 | 263 |
| यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली | 328 | 328 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की (आईआईटीआर) | 339 | 335 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गुवाहाटी (आईआईटीजी) | 334 | 344 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी इंदौर | 556 | 477 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बीएचयू वाराणसी (आईआईटी बीएचयू वाराणसी) | 566 | 531 |
| जादवपुर यूनिवर्सिटी | 676 | 721-730 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी हैदराबाद (आईआईटीएच) | 664 | 681-690 |
| जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली | 761-770 | 851-900 |
| थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी | 771-780 | 851-900 |
| यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद | 801-850 | 801-850 |
| अमिटी यूनिवर्सिटी | 951-1000 | 1001-1200 |
| गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी | 951-1000 | 1001-1200 |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भुवनेश्वर (आईआईटी बीबीएस) | 951-1000 | 951-1000 |
| बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी | 1001-1200 | 1001-1200 |
| जामिया हमदर्द, नई दिल्ली | 1401+ | 1201-1400 |
| अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू), अलीगढ़ | 1001-1200 | 1001-1200 |
| अमृता विश्व विद्यापीठम | 1001-1200 | 1001-1200 |
| अन्ना यूनिवर्सिटी | 465 | 383 |
| बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस | 668 | 801-850 |
| चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी | 575 | 691-700 |
| गलगोटियास यूनिवर्सिटी | 1201-1400 | – |
| इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी – इलाहाबाद | 1401+ | 1401+ |
| कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी | 1001-1200 | – |
| लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) | 901-950 | – |
| मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन – मणिपाल यूनिवर्सिटी (एमएएचई) | 851-900 | 901-950 |
| ओ पी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) | 851-900 | 1001-1200 |
| पंजाब यूनिवर्सिटी | 901-950 | 1001-1200 |
| पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी | 1001-1200 | 1201-1400 |
| सवित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी | 566 | 631-640 |
| शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंसेज | 503 | 587 |
| सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड यूनिवर्सिटी) | 696 | 641-650 |
| सिक्शा ‘ओ’ अनुसंधान (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), एसओए | 1201-1400 | 1201-1400 |
| एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (पूर्व में एसआरएम यूनिवर्सिटी) | 1001-1200 | 1001-1200 |
| शिव नदर यूनिवर्सिटी | 1201-1400 | – |
| मणव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज (एमआरआईआईआरएस) | 1401+ | – |

- QS World University Rankings 2026 में भारत के 54 उच्च शिक्षा संस्थान शामिल हुए, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शिक्षा क्षेत्र के लिए उत्साहजनक क्षण बताते हुए सरकार की अनुसंधान और नवाचार प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
- IIT दिल्ली को 123वां स्थान मिला—भारत की अब तक की सर्वोच्च QS रैंकिंग, जबकि IIT बॉम्बे 129वें स्थान पर पहुंचा।
- पिछले 10 वर्षों में भारत की QS भागीदारी में 390% वृद्धि हुई है, जो G-20 देशों में सबसे तेज़ मानी जा रही है।
- भारत अब अमेरिका, यूके और चीन के बाद चौथा सबसे बड़ा प्रतिनिधि देश बन गया है, जिसमें 8 नए संस्थानों की पहली बार एंट्री हुई है।

