Sunday, October 25, 2026
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ईरान-इजराइल युद्ध में नेतन्याहू का अल्टीमेटम- खामेनेई भी अब सुरक्षित नहीं; भारत ने दोनों देशों से नागरिकों को निकालने की घोषणा की

ईरान और इजराइल के बीच चल रही लड़ाई अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। सातवें दिन इस संघर्ष ने एक और उग्र रूप ले लिया जब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अब ईरान में कोई भी सुरक्षित नहीं है, यहां तक कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई भी नहीं।”

तेल अवीव, बीर्शेबा, रमत गण और होलोन जैसे इजराइली शहरों पर ईरान के ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों के बाद यह बयान आया है। इन हमलों में 176 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 6 की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों की संख्या अब 24 हो चुकी है।

इसी बीच वॉशिंगटन स्थित एक ह्यूमन राइट्स संगठन के मुताबिक, ईरान में अब तक 639 नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1329 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

इजराइली रक्षा मंत्री ने खामेनेई को बताया ‘मॉडर्न हिटलर’

इजराइली रक्षा मंत्री योआव गालंट के बाद उनके सहयोगी इजराइल काट्ज ने भी तीखा बयान जारी करते हुए खामेनेई को “आधुनिक हिटलर” कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी सुप्रीम लीडर लंबे समय से आतंकवादी नेटवर्क के ज़रिए इजराइल को खत्म करने की साजिशें रचते रहे हैं और अब उन्हें जीने का अधिकार नहीं है।

इस बयानबाज़ी के साथ ही इजराइल ने अराक के हैवी वॉटर रिएक्टर पर हमला किया, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम की रीढ़ माना जाता है। इजराइली सेना ने अराक और खोंडब के नागरिकों को पहले ही इलाके से निकलने की चेतावनी दी थी।

बुशहर हमले पर इजराइली सेना का यू-टर्न

इजराइल की सेना ने शुरुआत में दावा किया कि उसने ईरान के एकमात्र सक्रिय परमाणु संयंत्र बुशहर पर भी हमला किया है। हालांकि, कुछ घंटों बाद सेना ने अपने ही बयान से पीछे हटते हुए कहा कि यह जानकारी “त्रुटिवश” दी गई थी।

अराक के अलावा, नतांज और इस्फहान जैसे प्रमुख न्यूक्लियर साइट्स पर भी इजराइल ने हवाई हमले किए हैं। इन हमलों से परमाणु संतुलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं और गहरी हो गई हैं।

भारत ने ईरान-इजराइल से नागरिकों को निकालने का आदेश दिया

भारतीय विदेश मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत दोनों देशों से भारतीय नागरिकों को निकालने की घोषणा की है। गुरुवार सुबह ईरान से 110 भारतीय छात्रों का पहला समूह दिल्ली पहुंचा।

इसी क्रम में इजराइल में फंसे भारतीयों को लैंड बॉर्डर के जरिए निकाला जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, हालात लगातार बदल रहे हैं और प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षित वापसी है।

500 कश्मीरी छात्रों को मशहद में सुरक्षित पहुंचाया गया

जंग के बीच सबसे बड़ी राहत की खबर ईरान के कोम शहर से आई, जहां से लगभग 600 भारतीय छात्रों को सुरक्षित तौर पर मशहद लाया गया है। इनमें करीब 500 छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं।

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन के संयोजक नासिर खुहमी ने बताया कि यह दूसरा बैच है जिसे अब तुर्कमेनिस्तान होते हुए दिल्ली भेजा जाएगा। शुक्रवार को उनकी वापसी की उड़ान निर्धारित है।

मशहद, जो कि ईरान के उत्तर-पूर्व में स्थित सीमावर्ती शहर है, कोम से लगभग 1,000 किलोमीटर दूर है। छात्रों ने सड़क मार्ग से 15 घंटे का लंबा सफर तय किया। ये छात्र देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों—इस्लामिक आज़ाद यूनिवर्सिटी, ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी से ताल्लुक रखते हैं।

स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण से बाहर नज़र आ रही है और युद्ध की आग में झुलसती आम जनता के लिए हर दिन एक नई परीक्षा बनता जा रहा है।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  • इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि अब ईरान में कोई भी सुरक्षित नहीं है, यहां तक कि सुप्रीम लीडर खामेनेई भी नहीं।
  • ईरान ने गुरुवार को तेल अवीव समेत इजराइल के कई शहरों पर मिसाइल हमले किए, जिसमें 24 लोगों की मौत और 176 घायल हुए।
  • इजराइली सेना ने जवाबी कार्रवाई में अराक, नतांज और इस्फहान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया, बुशहर पर हमला करने के दावे से बाद में पीछे हटी।
  • भारत ने ऑपरेशन सिंधु के तहत ईरान और इजराइल दोनों से नागरिकों की वापसी शुरू की, 110 छात्र गुरुवार सुबह दिल्ली पहुंचे।
  • ईरान के मशहद में 600 भारतीय छात्र सुरक्षित पहुंचाए गए, जिनमें से 500 कश्मीर से हैं; शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
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