बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की चाह रखने वाले बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों के लिए बुरी खबर है. राज्य सरकार अब शिक्षक बहाली में सिर्फ बिहार के मूल निवासियों को प्राथमिकता देगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि डोमिसाइल पॉलिसी अब टीचर रिक्रूटमेंट में लागू होगी. यह नियम TRE-4 से ही लागू किया जाएगा. सरकार ने शिक्षा विभाग को इसके लिए जरूरी नियम बदलने के निर्देश भी दे दिए हैं. इस फैसले को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा सुधार माना जा रहा है. दूसरी ओर, छात्रों का प्रदर्शन भी इसी मांग को लेकर चल रहा था, जिस पर सरकार ने अब ठोस कदम उठा लिया है.
डोमिसाइल पॉलिसी का एलान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि TRE-4 की बहाली प्रक्रिया से ही डोमिसाइल पॉलिसी को लागू किया जाएगा. इसका मतलब है कि अब बिहार में शिक्षक की नौकरी सिर्फ उन्हीं को मिलेगी जो राज्य के स्थायी निवासी होंगे. सरकार ने इसके लिए शिक्षा विभाग को जल्द नियमों में बदलाव करने का आदेश दिया है.
छात्रों के प्रदर्शन का असर
गांधी मैदान में बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी मांग थी कि सरकारी नौकरियों में 90 से 95 फीसदी आरक्षण बिहार के लोगों को दिया जाए. छात्रों का कहना था कि बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों की वजह से स्थानीय युवाओं को नुकसान हो रहा है.
TRE-4 और TRE-5 को लेकर प्लान
सीएम ने बताया कि TRE-4 की परीक्षा 2025 में करवाई जाएगी और इसके बाद TRE-5 की परीक्षा 2026 में होगी. साथ ही, TRE-5 से पहले STET परीक्षा भी करवाई जाएगी, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को समय पर मौका दिया जा सके.
महिलाओं के आरक्षण पर भी सख्ती
हाल ही में राज्य कैबिनेट ने फैसला लिया कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को मिलने वाला 35% आरक्षण अब सिर्फ बिहार की स्थायी निवासी महिलाओं को ही मिलेगा. यह फैसला भी स्थानीय लोगों को बढ़ावा देने की नीति के तहत लिया गया है.
शिक्षा में सुधार की दिशा में कदम
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने 2005 से ही शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी है. अब तक लाखों शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है और नई बहाली में स्थानीय युवाओं को मौका देना उसी दिशा में एक और मजबूत कदम है.

- बिहार में अब शिक्षक बहाली में सिर्फ बिहार के निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
- नई डोमिसाइल पॉलिसी TRE-4 से लागू होगी, जिसकी परीक्षा 2025 में होगी.
- गांधी मैदान में छात्रों के प्रदर्शन के बाद सरकार ने यह फैसला लिया.
- TRE-5 की परीक्षा 2026 में होगी, उससे पहले STET भी आयोजित किया जाएगा.
- महिलाओं के 35% आरक्षण का लाभ भी अब सिर्फ बिहार की महिलाओं को ही मिलेगा.

