पाकिस्तान ने बुधवार को BSF के जवान पूर्णम कुमार साहू को रिहा कर भारत को सौंप दिया। साहू 23 अप्रैल को गलती से नियंत्रण रेखा पार कर गए थे और उसके बाद से पाकिस्तानी रेंजर्स की हिरासत में थे। लगभग 20 दिन के बाद, बुधवार को उन्हें अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत लाया गया।
BSF अधिकारियों ने बताया कि DGMO स्तर पर भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के बाद जवान की रिहाई संभव हो पाई। लौटने के बाद साहू को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। प्राथमिक पूछताछ के बाद उन्हें उनके परिवार के पास भेजा जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद हज यात्रा को मिली रफ्तार
इधर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से बुधवार सुबह हज यात्रियों का दूसरा जत्था हज हाउस से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ। ये यात्री सऊदी अरब के मक्का के लिए उड़ान भर रहे हैं। इससे पहले पहला जत्था 4 मई 2025 को रवाना हुआ था।
ऑपरेशन सिंदूर के कारण 7 और 12 मई की हज फ्लाइट्स रद्द कर दी गई थीं। सुरक्षा कारणों के चलते कुल सात फ्लाइट्स प्रभावित हुई थीं। अब स्थिति सामान्य होने पर मंगलवार से एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन बहाल कर दिए गए हैं।
अमृतसर एयरपोर्ट पर रात में लैंड हुई पहली फ्लाइट
हज यात्रा को लेकर सिर्फ श्रीनगर ही नहीं, बल्कि पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर भी हलचल बढ़ गई है। मंगलवार-बुधवार की रात कतर एयरवेज की फ्लाइट अमृतसर में लैंड हुई। इसके अलावा, इंडिगो एयरलाइंस ने भी बुधवार से पंजाब के लिए हज यात्रियों की उड़ानें फिर से शुरू करने की घोषणा कर दी है।

- BSF जवान पूर्णम कुमार साहू 20 दिन बाद पाकिस्तान से रिहा होकर बुधवार को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत लौटे।
- वह 23 अप्रैल को गलती से सीमा पार कर गए थे और तब से पाकिस्तानी रेंजर्स की हिरासत में थे।
- DGMO स्तर पर बातचीत के बाद पाकिस्तान ने उन्हें भारत को सौंपा; वापस आने पर मेडिकल और पूछताछ प्रक्रिया अपनाई गई।
- इसी दिन श्रीनगर एयरपोर्ट से दूसरा हज जत्था रवाना हुआ, जो सऊदी अरब के मक्का जाएगा; 7 और 12 मई की फ्लाइट्स पहले रद्द हुई थीं।
- अमृतसर एयरपोर्ट पर भी मंगलवार रात कतर एयरवेज की पहली हज फ्लाइट लैंड हुई; इंडिगो ने भी बुधवार से उड़ानों की घोषणा की है।

