राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सख्त पुलिस पहरे और प्रशासनिक सख्ती के बावजूद एक ही दिन में पांच बालिकाओं का विवाह करवा दिया गया। मामला 28 अप्रैल का है, जब परिजनों ने चोरी-छिपे खेतों में शादियों की रस्में पूरी कीं, ताकि कोई कानूनी कार्रवाई न हो सके।
मंदिर पहुंचने पर पुलिस को लगी भनक
शादी के बाद, जब परिजन बच्चों को लेकर कोटड़ी के प्रसिद्ध मंदिर पर ‘धोक’ लगाने पहुंचे, तब पुलिस को इसकी सूचना मिली। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन शादी करवा चुके परिजन पहले ही बच्चों को लेकर निकल चुके थे। इस बीच किसी को चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा तंत्र की पोल खोल दी।
कोटड़ी SHO ने दर्ज करवाई रिपोर्ट
कोटड़ी थाना प्रभारी महावीर प्रसाद की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक, गोपाल नामक व्यक्ति की चार बेटियां और एक भांजी नाबालिग थीं, जिनकी शादियां खेत में करवाई गईं। गोकलपुरा गांव के ये सभी जोड़े बालिग नहीं थे। सदर थाने के हेड कांस्टेबल जय प्रकाश शर्मा मामले की जांच कर रहे हैं और कहते हैं कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
अबूझ सावे पर तैनात रही पुलिस, नहीं रोक पाए बाल विवाह
अबूझ सावा, जब बिना मुहूर्त के विवाह कराए जाते हैं, प्रशासन के लिए एक चुनौती बनता जा रहा है। इस विशेष अवसर पर प्रशासन और एनजीओ द्वारा मिलकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया था। कई गांवों में संभावित स्थलों पर पुलिस की तैनाती की गई थी, बावजूद इसके बाल विवाह रोकने वालों ने खेतों को शादी का गुप्त स्थान बना दिया।
बूंदी में पहले हुई थी सबसे बड़ी कार्रवाई
यह पहला मौका नहीं है जब प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर बाल विवाह कराए गए हों। इससे पहले बूंदी जिले में अक्षय तृतीया से पहले 14 बाल विवाह रोके गए थे। प्रशासन ने कोर्ट से स्टे ऑर्डर लेकर शादी रुकवाई थी। इस अभियान में विभिन्न धर्मों के पुरोहितों ने भी योगदान दिया था, जो ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ नेटवर्क के तहत धार्मिक स्तर पर जागरूकता फैला रहे हैं।

