शुक्रवार, मई 1, 2026
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चीन तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर बना रहा ‘वाटर बम’, भारत क्यों कर रहा विरोध?

चीन ने कब्जे वाले तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाना शुरू कर दिया है. इस डैम ने भारत की चिंता बढ़ा दी है. भारत की सीमा से सटा ये दुनिया का सबसे बड़ा डेम अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास न्यिंगची सिटी में है. ब्रह्मपुत्र नदी यहां यू शेप में है, जिस पर चीन बांध बना रहा है. इस से चीन हर साल करीब 300 अरब यूनिट बिजली बनाएगा.

चीन बना रहा ‘वाटर बम’!

AFP की रिपोर्ट के अनुसार इस डैम प्रोजेक्ट को दिसंबर 2024 में मंजूरी दी गई थी. इस डैम की लागत करीब 167.8 अरब डॉलर आने वाली है. जिस शहर न्यिंगची में ये बनाया जा रहा है वो भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटा है. जिसको लेकर अरुणाचल के CM पेमा खांडू ने चिंता जाहिर की, अरुणाचल के CM पेमा खांडू ने इस डैम को ‘वाटर बम’ बताया.

कहां से निकलकर कहां जाती है ब्रह्मपुत्र नदी?

डैम को लेकर भारत और बांग्लादेश दोनों ने गहरी चिंता जताई. ये डैम ब्रह्मपुत्र नदी के भारत में प्रवेश से पहले बनेगा. ब्रह्मपुत्र नदी हिमालय पार तिब्बत के पठार पर पश्चिम की ओर बहती है. इसके बाद ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करती है.  भारत के बाद ब्रह्मपुत्र नदी बांग्लादेश से होती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है.

भारत क्यों कर रहा विरोध?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने 3 जनवरी को इस डैम को लेकर आपत्ति जताई थी.  विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ब्रह्मपुत्र पर बांध बनाने से निचले राज्यों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. अगर चीन डैम बना लेता है तो इससे अरुणाचल और असम में सूखा या बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. ब्रह्मपुत्र नदी पर ये डेम भारत की जल सुरक्षा नीति के लिए रणनीतिक खतरा बन सकता है. ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन का ये प्रोजेक्ट भारत-चीन संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है. इसका असर नेपाल, बांग्लादेश और भूटान जैसे अन्य निचले तटीय देशों पर पड़ेगा.

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