व्हाइट हाउस में रिपब्लिकन सांसदों के साथ डिनर के दौरान एक बार फिर डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने का श्रेय खुद को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि सच में पांच जेट मार गिराए गए थे।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस देश के विमान थे।
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रम्प ने ऐसा दावा किया है। इससे पहले 10 मई को भी उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्होंने भारत-पाक सीजफायर में अहम भूमिका निभाई। कुल मिलाकर ट्रम्प अब तक 20 से ज्यादा बार यह बयान दे चुके हैं कि उनकी मध्यस्थता ने दोनों देशों को युद्ध से रोका।
भारत-पाक के दावे एक-दूसरे से उलट
2019 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को लेकर लगातार आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे हैं। पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने भारतीय वायुसेना के पांच लड़ाकू विमान मार गिराए। इनमें तीन राफेल भी शामिल बताए गए।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संसद में यह बात 7 मई को कही, जब भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था। इसके बाद पाकिस्तान ने 11 जुलाई को दोबारा दावा किया कि भारत के छह विमान मार गिराए गए।
भारत का पलटवार: ऑपरेशन सिंदूर से तबाही
भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के पंजाब और पीओके क्षेत्र में आतंकी अड्डों पर जबरदस्त कार्रवाई की थी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 6 फाइटर जेट, 3 एयरक्राफ्ट और 10 से अधिक ड्रोन व क्रूज मिसाइलें तबाह हुईं।
भारतीय मिसाइल सिस्टम ने करीब 300 किलोमीटर दूर उड़ रहे हाई-वैल्यू एयरक्राफ्ट को भी मार गिराया। बताया गया कि वह एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग कंट्रोल सिस्टम या इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम से लैस था।
ट्रम्प बोले- व्यापार से किया वार
ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों पर दबाव डालने के लिए कूटनीति के बजाय व्यापार को उपकरण बनाया। उनके अनुसार, “मैंने कहा था कि जब तक आप यह मुद्दा हल नहीं करते, हम व्यापार पर बात नहीं करेंगे।” उन्होंने इसे युद्ध रोकने की अपनी ‘रणनीति’ का हिस्सा बताया।
14 जुलाई को भी ट्रम्प ने NATO महासचिव मार्क रूट के साथ मुलाकात के दौरान यही दावा दोहराया था कि उन्होंने हाल ही में भारत-पाक संघर्ष को बढ़ने से रोका।
पाक का दावा: भारत को करना चाहिए स्वीकार
11 जुलाई को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत को अपनी काल्पनिक कहानियों के बजाय यह स्वीकार करना चाहिए कि उसके छह लड़ाकू विमान मार गिराए गए और अन्य मिलिट्री ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा।”
अली खान ने भारत से पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी यह जानने का अधिकार है कि दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव किस स्तर तक गया था।

