डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि भारत और रूस अब चीन के नजदीक जा रहे हैं. एससीओ शिखर सम्मेलन में मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की तस्वीर साझा करते हुए ट्रंप ने लिखा कि लगता है हमने भारत और रूस को खतरनाक चीन के हाथों खो दिया है. यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने भारत पर 50% और चीन पर 145% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. विदेश मंत्रालय ने इस पर टिप्पणी करने से साफ इनकार किया.
ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक तस्वीर पोस्ट की. यह तस्वीर तिआनजिन में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन की है, जहां तीनों नेताओं को साथ देखा गया. ट्रंप ने इसके साथ लिखा कि लगता है हमने भारत और रूस को खतरनाक चीन के हाथों खो दिया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इन देशों का आपसी सहयोग लंबे समय तक बना रहेगा और यह रिश्ता समृद्ध होगा.
एससीओ सम्मेलन में नेताओं की मुलाकात
एससीओ सम्मेलन में मोदी, पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर थी. इस मंच पर तीनों नेताओं का एक साथ आना अमेरिका की नीतियों के बीच एक नए समीकरण का संकेत देता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह तस्वीर एक नया वर्ल्ड ऑर्डर बनने की ओर इशारा कर रही है. भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में हुए तनाव के बावजूद तिआनजिन में दिखाई पड़ी गर्मजोशी ने सबको चौंकाया. इस मुलाकात को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
विदेश मंत्रालय की चुप्पी
जब ट्रंप के इस बयान पर विदेश मंत्रालय से प्रतिक्रिया मांगी गई तो प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया. उनका कहना था कि इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. सरकार की चुप्पी को कई जानकार यह मान रहे हैं कि भारत अमेरिका के साथ सीधे टकराव से बचना चाहता है. वहीं दूसरी ओर, भारत रूस और चीन के साथ संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है ताकि उसके रणनीतिक हित सुरक्षित रहें.
टैरिफ विवाद और रिश्तों में तनाव
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 50% टैरिफ लगाने का फैसला लिया था, जिसके बाद भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ा. इसके साथ ही चीन पर 145% टैरिफ लगाने की घोषणा की गई, हालांकि इसे 90 दिनों के लिए टाल दिया गया. जानकारों का कहना है कि इस फैसले ने भारत को रूस और चीन के और करीब कर दिया है. अमेरिकी नीतियों और लगातार बयानों ने भारत को एंटी-अमेरिका ग्रुप की ओर झुकने के लिए मजबूर किया है.
भारत-चीन रिश्तों में नई गर्मजोशी
सात साल बाद प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा ने रिश्तों में नया मोड़ ला दिया. गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच जो कड़वाहट थी, वह तिआनजिन में देखने को नहीं मिली. जिनपिंग ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो बाकी नेताओं के मुकाबले खास था. द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने सीमा विवाद सुलझाने और व्यापारिक रिश्ते मजबूत करने पर सहमति जताई. जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी बनना चाहिए और हाथी-ड्रैगन की दोस्ती जरूरी है. यह बयान रिश्तों में नरमी का संकेत माना जा रहा है.

- डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और रूस अब चीन के करीब आ गए हैं.
- ट्रंप ने एससीओ सम्मेलन की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की.
- विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार किया.
- ट्रंप ने भारत पर 50% और चीन पर 145% टैरिफ लगाने की घोषणा की.
- मोदी-जिनपिंग की मुलाकात में सीमा विवाद सुलझाने और रिश्ते सुधारने पर जोर दिया गया.

