जोधपुर में दहेज प्रताड़ना का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सरकारी स्कूल की शिक्षिका संजू बिश्नोई ने अपनी तीन साल की बेटी के साथ आग लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने अपने पति, सास, ससुर और ननद पर लगातार प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इस घटना ने ग्रेटर नोएडा के निक्की भाटी केस की याद ताजा कर दी है।
खुदकुशी की दिल दहला देने वाली वारदात
जोधपुर के मंडोर इलाके में 22 अगस्त को यह घटना हुई। संजू ने अपनी बच्ची को गोद में लिया और खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संजू ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पड़ोसियों ने दी सूचना, पुलिस ने संभाली स्थिति
धुआं उठता देख पड़ोसियों ने तुरंत महिला के पिता को खबर दी। जब परिवार पहुंचा, संजू बुरी तरह झुलस चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और जांच शुरू की।
सुसाइड नोट में लिखा दर्द
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें संजू ने पति दिलीप बिश्नोई और ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए। उसने लिखा कि शादी के दस साल बाद भी दहेज के लिए उसे लगातार परेशान किया जा रहा था।
मोबाइल से खुल सकते हैं राज
पुलिस ने संजू का मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। अधिकारियों का मानना है कि फोन से कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जो इस केस को और स्पष्ट करेंगी। इस दर्दनाक घटना ने ग्रेटर नोएडा के निक्की भाटी केस की याद दिला दी है, जिसमें दहेज की मांग पूरी न होने पर महिला को प्रताड़ित किया गया था और उसने जान दे दी थी।

- जोधपुर में दहेज प्रताड़ना से परेशान संजू बिश्नोई ने बेटी के साथ आत्महत्या की।
- बच्ची की मौके पर मौत, संजू ने अस्पताल में दम तोड़ा।
- सुसाइड नोट में पति और ससुरालवालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए।
- पुलिस ने चार लोगों पर केस दर्ज कर मोबाइल जब्त किया।
- यह घटना निक्की भाटी केस जैसी दहेज त्रासदी की याद दिलाती है।

