जयपुर एयरपोर्ट थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, एक युवती को सोशल मीडिया पर भेजी गई फ्रेंड रिक्वेस्ट ने उसे मुसीबत में डाल दिया। आरोपी नीरज कुमार ने फेसबुक पर खुद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सलाहकार बताया और धीरे-धीरे बातचीत शुरू की। उसने अपने परिवार की पृष्ठभूमि को भी बेहद प्रभावशाली बताते हुए खुद को पुलिस अधिकारी का बेटा और अपने भाई को गोवा कैडर का आईपीएस बताया। इस झूठी पहचान से युवती को प्रभावित किया और उसका भरोसा जीत लिया।
15 लाख की मांग और लगातार धमकियां
कुछ हफ्तों की बातचीत के बाद आरोपी ने युवती को अपना नाम दीपक शर्मा बताते हुए 15 लाख रुपये की मांग की। जब युवती ने पैसे देने से इनकार किया, तो उस पर मानसिक दबाव डालना शुरू कर दिया। आरोपी और उसके कथित ड्राइवर ने बार-बार फोन कर युवती को परेशान किया। डर के मारे युवती जयपुर आ गई और जवाहर सर्किल इलाके में आरोपी से मिलने गई, जहां उसके इनकार पर आरोपी ने जबरन उसका डायमंड नेकलेस और हाथ की ब्रेसलेट छीन ली। विरोध करने पर बदमाशों से उठवा लेने की धमकी भी दी गई।
शिकायत के बाद हुआ बड़ा खुलासा
घटना के बाद युवती ने साहस जुटाकर जयपुर एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नीरज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी ईस्ट तेजस्वनी गौतम ने बताया कि नीरज करौली जिले के हिंडोन सिटी के मनेमा गांव का निवासी है और पहले भी उस पर कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से डायमंड का नेकलेस सेट, ब्रेसलेट और लाल पट्टी लगी एक कार भी जब्त की है।
CCTV से आरोपी की पहचान, गिरफ़्तारी में मदद
7 जुलाई की इस घटना की जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी की हरकतें कैद हो गई थीं। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसे दुर्गा कॉलोनी, जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र से पकड़ा। वर्तमान में आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने इसी तरह और कितने लोगों को निशाना बनाया है।
फर्जी पहचान से ठगी करने वाला है आदतन अपराधी
पुलिस के मुताबिक नीरज पहले भी विभिन्न थानों में ठगी और फर्जीवाड़े के मामलों में लिप्त रहा है। उसकी गिरफ्तारी ने एक ऐसे गिरोह के सुराग दिए हैं, जो प्रभावशाली पदों का झांसा देकर लोगों को ठगने का काम करता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि अन्य पीड़ितों और संभावित सहयोगियों का भी पता चल सके।

