शुक्रवार, मई 1, 2026
spot_img
होमराज्यटेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या में पिता को पछतावा नहीं, कहा-...

टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या में पिता को पछतावा नहीं, कहा- जो हुआ सो हुआ

हरियाणा के गुरुग्राम में जूनियर इंटरनेशनल टेनिस प्लेयर राधिका यादव की हत्या के मामले में आरोपी पिता दीपक यादव का रवैया पुलिस और अदालत दोनों के लिए चौंकाने वाला रहा। पूछताछ के दौरान दीपक ने न तो कोई पछतावा जताया, न ही सजा का डर दिखाया। पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, उसने बिना किसी अफसोस के सिर्फ इतना कहा-जो हो गया, सो हो गया।

पुलिस रिमांड में नहीं दिखाया पछतावा

पूरे घटनाक्रम के दौरान दीपक एकदम शांत रहा। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार के अनुसार, दीपक ने खुद पर दर्ज आरोप को स्वीकार जरूर किया, लेकिन एक बार भी यह नहीं कहा कि उसे अफसोस है। अदालत में पेशी और पुलिस रिमांड के दौरान भी उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।

परिवार की तरफ से नहीं आया कोई आधिकारिक बयान

मीडिया में दीपक के चचेरे भाई का एक बयान सामने आया, जिसमें उसने कहा कि आरोपी ने खुद को “कन्या वध” करने वाला बताया और फांसी की मांग की। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि राधिका के परिवार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी अब तक नहीं दी गई है।

फोन डेटा भेजा गया जांच के लिए

पुलिस ने राधिका यादव का मोबाइल फोन जब्त कर उसका डेटा रिकवर कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तकनीकी जांच के जरिये पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले पिता-पुत्री के बीच क्या बातचीत हुई थी या कोई ट्रिगर पॉइंट था।

3 मिनट में बेटी की हत्या करने का कबूलनामा

पूछताछ के दौरान दीपक यादव ने खुद कबूला कि उसने महज तीन मिनट के अंदर राधिका की हत्या कर दी थी। 10 जुलाई की सुबह बेटा धीरज घर से बाहर गया हुआ था। घर पर सिर्फ दीपक, उसकी पत्नी मंजू और बेटी राधिका थीं। उस समय राधिका रसोई में खाना बना रही थी।

दीपक ड्राइंग रूम में गया, जहां शीशे की अलमारी से रिवॉल्वर निकाली और सीधे किचन की ओर बढ़ा। राधिका की पीठ उसकी ओर थी, तभी उसने बिना कुछ कहे ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दीपक का कहना है कि उसे न तो यह पता चला कि कितनी गोलियां चलाईं और न ही यह कि शरीर के किस हिस्से में लगीं।

हत्या के बाद आरोपी बेड पर जाकर बैठ गया

गोलियां चलाने के बाद राधिका वहीं किचन में गिर पड़ी। आरोपी ने बताया कि वह फिर ड्राइंग रूम में गया और बेड पर बैठ गया। रिवॉल्वर भी उसने वहीं रख दी। इस पूरे घटनाक्रम में उसे मात्र तीन मिनट लगे।

कुछ ही देर में गोली की आवाज सुनकर दीपक का चाचा कुलदीप दौड़ता हुआ आया और राधिका को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि गोली सीधे राधिका के दिल और आंतों में लगी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

पुलिस ने परिवार व दोस्तों से मांगी सही जानकारी

गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि इस केस की जांच में किसी भी तरह की अफवाहें या भावनात्मक बयानबाजी से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। पुलिस प्रवक्ता ने अपील की है कि जो भी लोग-चाहे वे परिवार के सदस्य हों, दोस्त हों या सोशल मीडिया पर ‘करीबी’ बनकर सामने आ रहे हों। अगर उनके पास वास्तविक जानकारी है तो वे पुलिस के सामने आकर बयान दें।

अन्य खबरें