शनिवार, मई 2, 2026
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FATF ने खोली पाकिस्तान की पोल: पहलगाम आतंकी हमला बिना टेरर फंडिंग के नामुमकिन, भारत के सबूतों को मिला इंटरनेशनल सपोर्ट

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद अब इस मामले में इंटरनेशनल लेवल पर हलचल मची है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए साफ कहा है कि ऐसा हमला तब तक मुमकिन नहीं जब तक इसके पीछे मजबूत फंडिंग ना हो। यानी सीधे शब्दों में कहें तो बिना पैसे के इतनी बड़ी साजिश नहीं रची जा सकती। FATF का यह बयान भारत के उन आरोपों को मजबूती देता है, जिसमें पाकिस्तान की तरफ से आतंकी संगठनों को समर्थन देने की बात कही जाती रही है।

पहली बार FATF ने भारत में हुए हमले को लेकर दिया सीधा बयान

FATF ने कहा है कि ‘पैसे की आवाजाही’ ही आतंकवाद का असली ईंधन है। यही वजह है कि इस तरह के आतंकी हमले बिना आर्थिक मदद के हो ही नहीं सकते। यह पहली बार है जब FATF जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन ने भारत में हुए किसी आतंकी हमले पर खुलकर स्टैंड लिया है। इससे भारत के उन दावों को बल मिलता है जिनमें पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया गया है।

पाकिस्तान की पुरानी भूमिका भी फिर चर्चा में, भारत चाहता है फिर से ग्रे लिस्ट में शामिल हो

FATF पहले भी पाकिस्तान को साल 2018 से 2022 तक ग्रे लिस्ट में रख चुका है, लेकिन 2022 में उसे इससे बाहर कर दिया गया था। अब भारत लगातार यह मांग कर रहा है कि पाकिस्तान को फिर से इस लिस्ट में डाला जाए, क्योंकि वह अभी भी सीमा पार से चल रहे आतंकी गुटों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। FATF के इस नए बयान से भारत के इस आग्रह को मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।

FATF की नजर हवाला, NGO और क्रिप्टो जैसी फंडिंग तकनीकों पर भी

FATF ने अपने बयान में ये भी कहा है कि आतंकवादी हवाला नेटवर्क, NGO और डिजिटल करेंसी के ज़रिए पैसे का लेनदेन छिपाते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया, क्राउडफंडिंग और वर्चुअल प्रॉपर्टी जैसी चीजों का भी गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे टेरर फंडिंग पर नजर रखना और मुश्किल हो गया है।

FATF की रिपोर्ट और वेबिनार से मिल सकती है और जानकारी

FATF की चेयरपर्सन एलिसा दे अंडा मादराजो ने कहा कि आतंकियों को सिर्फ एक बार कामयाबी चाहिए होती है, जबकि सरकारों को हर हमले को रोकने की जिम्मेदारी निभानी होती है। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही FATF एक रिपोर्ट जारी करेगा जिसमें टेरर फंडिंग के पैटर्न और केस स्टडीज शामिल होंगी। इसके अलावा एक वेबिनार भी आयोजित होगा ताकि सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर को इन नई चुनौतियों से आगाह किया जा सके।

भारत को FATF से इंटरनेशनल सहयोग की उम्मीद

भारत को FATF के इस बयान और आने वाली रिपोर्ट से यही उम्मीद है कि इससे पाकिस्तान की टेरर फंडिंग पर वैश्विक दबाव बढ़ेगा। अगर पाकिस्तान दोबारा ग्रे लिस्ट में डाला जाता है तो इससे न सिर्फ उसकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा बल्कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

 Nationalbreaking.com । नेशनल ब्रेकिंग - सबसे सटीक
  1. FATF ने पहलगाम हमले की निंदा की और कहा कि बिना टेरर फंडिंग ऐसा हमला मुमकिन नहीं।
  2. भारत के पाकिस्तान पर लगाए आरोपों को पहली बार इंटरनेशनल संस्था ने सपोर्ट किया।
  3. पाकिस्तान 2018-2022 तक FATF की ग्रे लिस्ट में था, भारत फिर से शामिल कराने की मांग कर रहा है।
  4. आतंकियों की फंडिंग हवाला, NGO, क्रिप्टो और सोशल मीडिया के ज़रिए होने की बात सामने आई।
  5. FATF जल्द ही एक रिपोर्ट और वेबिनार आयोजित करेगा ताकि वैश्विक स्तर पर कार्रवाई की जा सके।
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