ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका से साफ शब्दों में कहा है कि अगर वॉशिंगटन दोबारा न्यूक्लियर डील चाहता है, तो पहले उसे अपने सहयोगी इजरायल की हरकतों पर लगाम लगानी होगी। उन्होंने अमेरिकी रवैये को गैरकानूनी करार देते हुए कहा कि अमेरिका जानबूझकर इजरायल को ईरान के खिलाफ हमला करने की छूट दे रहा है। राष्ट्रपति ने ये भी दावा किया कि ईरान ने कभी युद्ध की शुरुआत नहीं की और ना ही वो आक्रामकता में यकीन रखता है।
ईरान ने अरब देशों से भी मांगा समर्थन
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कतर, सऊदी अरब और ओमान से अपील की है कि वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव डालें ताकि इजरायल को तुरंत सीजफायर के लिए मजबूर किया जा सके। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दो ईरानी और तीन क्षेत्रीय सूत्रों ने कहा है कि अगर अमेरिका युद्ध विराम कराता है तो इसके बदले ईरान न्यूक्लियर वार्ता में नरमी दिखाने को तैयार है।
इजरायल ने शुरू किया था ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’
13 जून की रात इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों को निशाना बनाकर ऑपरेशन राइजिंग लायन लॉन्च किया। जवाब में ईरान ने 24 घंटे के भीतर मिसाइल हमलों से पलटवार किया। इसके बाद 14 और 15 जून को भी दोनों देशों के बीच टकराव जारी रहा। दोनों ही पक्षों ने नुकसान की बात तो मानी, लेकिन इसे हल्का बताया।
ईरान ने कहा – दोबारा हमला हुआ तो और कड़ा जवाब देंगे
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने चेताया कि अगर इजरायल की ओर से आक्रामकता दोबारा दिखाई गई, तो ईरान और भी ज्यादा ताकत के साथ जवाब देगा। उन्होंने संसद में कहा कि इजरायल की कार्रवाई से ईरान को अस्थिर करने की कोशिश की गई थी, जिसका देश ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। उनके मुताबिक, इस झड़प में इजरायल को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
ट्रंप को लेकर ईरान का रुख सख्त
पेजेशकियन ने कहा कि अगर ट्रंप वाकई न्यूक्लियर डील को फिर से शुरू करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले इजरायल को रोकना होगा। ओमान के सुल्तान से फोन पर बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका अपने सहयोगी पर काबू नहीं रखता, तो ईरान मजबूरी में हालात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने को तैयार है।

- ईरान ने अमेरिका से कहा कि न्यूक्लियर डील चाहिए तो इजरायल की आक्रामकता रोको।
- कतर, ओमान और सऊदी अरब से भी ईरान ने की मदद की अपील।
- इजरायल ने 13 जून को ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला किया था।
- ईरान ने 24 घंटे में जवाबी हमला कर नुकसान पहुँचाया।
- पेजेशकियन बोले – अमेरिका ने इजरायल को हमला करने की खुली छूट दी है।

