देश के लिए नए महीने की शुरुआत एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। सरकार के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2025 में GST Collection जबरदस्त तरीके से बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन है। पिछले साल अप्रैल में जो रिकॉर्ड बना था—2.10 लाख करोड़—वो इस बार टूट गया।
घरेलू और आयात दोनों से हुई कमाई में बढ़त
इस बार घरेलू लेनदेन से सरकार को 1.9 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी रेवेन्यू मिला, जो कि पिछले साल की तुलना में 10.7% ज्यादा है। वहीं, आयातित सामानों से सरकार को 46,913 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जिसमें 20.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले मार्च 2025 में कुल कलेक्शन 1.96 लाख करोड़ रुपये था।
हर महीने दिख रही है ग्रोथ की रफ्तार
इस साल जीएसटी कलेक्शन में हर महीने इजाफा देखा गया है। जनवरी और मार्च दोनों में कलेक्शन 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि फरवरी में 1.83 लाख करोड़ रुपये इकट्ठा हुए थे। लगातार हो रही ये बढ़ोतरी देश की आर्थिक मजबूती और घरेलू मांग के बढ़ने की तरफ इशारा करती है।
इन राज्यों में जबरदस्त ग्रोथ, कुछ पीछे भी रहे
लक्षद्वीप में GST कलेक्शन में 287% की जबरदस्त छलांग लगी है। अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड ने भी क्रमशः 66%, 50% और 42% की ग्रोथ दिखाई है। बड़े राज्यों की बात करें तो हरियाणा, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों ने भी दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज की है। हालांकि आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में गिरावट देखी गई, जिसमें मिजोरम में 28% की सबसे बड़ी गिरावट हुई है।
GST सिस्टम को हुए 7 साल पूरे
भारत में 1 जुलाई 2017 को GST लागू किया गया था। इसका मकसद पूरे देश में टैक्स सिस्टम को एकरूप बनाना था। अभी GST के चार प्रकार हैं—CGST, SGST, UTGST और IGST। इसके अलावा कुछ मामलों में उपकर (Cess) भी लिया जाता है। GST की दरें भी अलग-अलग श्रेणियों में बांटी गई हैं—5%, 12%, 18% और 28%। समय-समय पर सरकार इन दरों में बदलाव भी करती रही है।

- अप्रैल 2025 में GST कलेक्शन रिकॉर्ड 2.37 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा।
- घरेलू लेनदेन से 1.9 लाख करोड़ और आयात से 46,913 करोड़ की कमाई हुई।
- मार्च में कलेक्शन 1.96 लाख करोड़ था, जबकि फरवरी में 1.83 लाख करोड़।
- लक्षद्वीप, अरुणाचल और मेघालय जैसे राज्यों में बड़ी ग्रोथ दर्ज हुई।
- आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम में कलेक्शन में गिरावट देखी गई।

